न्यूज़, ब्लॉग , चर्चित व्यक्तिव , पर्यटन और सामाज और धर्म कर्म की खबरे देखो दुनिया लेकिन हमारे भाटापारा के नजरिये से ...........

शिवनाथ नदी के बीचों-बीच पर्यटन की अनूठी जगह मदकू द्वीप दो धर्म और आस्था का संगम स्थल

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परम प्रेम की परिणिति काम-क्रीडा को परिलक्षित करती छत्तीसगढ का खजुराहो भोरमदेव मंदिर।

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शिवरीनारायण का मंदिर माता शबरी का आश्रम छत्तीसगढ़-इतिहास के पन्नो में

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प्रेम का लाल प्रतीक लक्ष्मण मंदिर...........

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ताला की विलक्षण प्रतिमा-देवरानी जेठानी मंदिर

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मई के महीने से किसानो को मिलेगा न्याय !! छत्तीसगढ़ भूपेश सरकार का बड़ा फैसला: धान के समर्थन मूल्य के अंतर की राशि का किया जाएगा भुगतान

 भूपेश सरकार का बड़ा फैसला: छत्तीसगढ़ में किसानों को मई माह से धान के समर्थन मूल्य के अंतर की राशि का किया जाएगा भुगतान

छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला किया है। भूपेश सरकार ने तय किया है कि किसानों को मई माह से धान के समर्थन मूल्य के अंतर की राशि का भुगतान किया जाएगा।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को अंतर की राशि वितरित की जाएगी। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से ये महत्वपूर्ण जानकारी दी है।

कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने जानकारी देते हुए कहा कि किसानों के खाते में बीमा राशि के रूप में 565 करोड़ रुपए पहुंचाई गई है। ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को 50 करोड़ की राशि दी गई है। मंत्री चौबे ने कहा कि खरीफ फसल नुकसान की बीमा राशि 70 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। 52 सौ करोड़ रुपए के शार्ट टर्म लोन की तैयारी की गई है।


राजीव गांधी किसान न्याय योजना

राजीव गांधी किसान न्याय योजना को शुरू करने की घोषणा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व वित्त मंत्री द्वारा विधानसभा में वर्ष 2020 -21 का बजट पेश करते हुए की है । इस योजना के अंतर्गत राज्य के किसानो को उनकी धान की फसल पर लाभ पहुंचाया जायेगा । इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के किसानो को धान के समर्थन मूल्य के अंतर की राशि का फायदा मुहैया कराई (The farmers of Chhattisgarh will be given the benefit of the difference of the support price of paddy ) जाएगी ।

बजट 2020 -21 की नयी घोषणा

राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव से पहले इस Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana का जिक्र किया था। जो जल्द ही छत्तीसगढ़ राज्य के में लागू की जायगी इसके अलावा भी बजट भाषण में कई घोषणा कि गई जिसमे किसान मजदुर रोजगार और शिक्षा को लेकर घोषणा हुई छत्तीसगढ़ का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमने 17 लाख किसानों का कर्ज माफ किया है। प्रदेश में गरीबी के स्तर में कमी आई है। प्रदेश की जीडीपी में सात फीसदी से अधिक की बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है । राज्य सरकार का कहना है की इसी तरह कई प्रकार की योजनाए छत्तीसगढ़ के किसानो के हम शुरू करते रहेंगे और राज्य के किसानो को लाभ पहुंचाते रहेंगे ।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ


  • इस योजना के ज़रिये देश के किसानो को धान के अंतर की राशि का फायदा पहुँचाना ।
  • छत्तीसगढ़ किसान न्याय योजना के ज़रिये छत्तीसगढ़ के किसानो की आय में भी बढ़ोतरी होगी ।
  • राज्य के किसान अपनी धान की अच्छी खेती कर सकते है ।
  • इस Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana का लाभ केवल छत्तीसगढ़ के किसान उठा सकते है ।
  • यह योजना केवल  छत्तीसगढ़ राज्य के केवल धान की खेती करने वाले किसान ही है ।
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साधारण से गांव को चक्रवाय धाम बनाने वाले सतनामी समाज के सपूत पूर्व मंत्री डेरहु प्रसाद घृतलहरे का निधन

छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के सपूत ,गुरु घासीदास बाबाजी के सन्देश को जन जन तक पहुंचाने के लिए कार्य किये.....गुरु घासीदास बाबाजी के सच्चे अनुयायी.....पूर्व मंत्री डीपी धृतलहरे का आज निधन हो गया है।

छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के शासनकाल में वन मंत्री थे डीपी धृतलहरे। 28 जून 1949 को जन्मे डेरहू प्रसाद धृतलहरे नवागढ़ के रहने वाले थे। रविवार को रायपुर के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हुआ है। अनुसूचित जाति सीट मारो से विधायक चुने गए थे। आदरणीय डेरहू प्रसाद धृतलहरे साधारण से गांव को चक्रवाय धाम बनाने में योगदान अविस्मरनीय हैडी.पी. धृतलहरे अविभाजित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री रहें है। वे चार बार मारो (नवागढ) विधानसभा से विधायक रहे। 





ज़ब भी सतनामी राजनेताओं का नाम लिया जायेगा उसमे गुरु अगमदास, गुरु माता मिनीमाता उसके बाद D.P. घृतलहरे जी का नाम आएगा.... 


डेरहू प्रसाद धृतलहरे सतनामी समाज के ऐसे नेता थे जिन्होंने मध्यप्रदेश के दौरान निर्दलीय विधान सभा चुनाव लड़कर जीता था | डेरहु प्रसाद धृतलहरे के निधन से सतनामी समाज में शोक ब्याप्त है |

रायपुर के निजी एम एम आई अस्पताल पहुँचकर मंत्री शिव डहरिया ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तरफ़ से स्व. डेरहू प्रसाद धृतलहरे जी को श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व मंत्री श्री डी.पी.धृतलहरे के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री डी.पी.धृतलहरे के शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। 

सीएम भूपेश ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि, कहा-
मेरे साथ अविभाजित मप्र में विधायक और फिर छत्तीसगढ़ में मंत्री रहे वरिष्ठ नेता डेरहू प्रसाद धृतलहरे जी का जाना बहुत दुखद है। वे सतनामी समाज के बड़े नेता थे। उनके जाने से छत्तीसगढ़ की अपूरणीय क्षति हुई है। विनम्र श्रद्धांजलि।
मेरे साथ अविभाजित मप्र में विधायक और फिर छत्तीसगढ़ में मंत्री रहे वरिष्ठ नेता डेरहू प्रसाद धृतलहरे जी का जाना बहुत दुखद है।

वे सतनामी समाज के बड़े नेता थे। उनके जाने से छत्तीसगढ़ की अपूरणीय क्षति हुई है।

विनम्र श्रद्धांजलि।

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मप्र एवं छग शासन में मंत्री रहे वरिष्ठ नेता श्री डी. पी. धृतलहरे जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।वे सतनामी समाज के वरिष्ठ नेता थे उन्होंने हमेशा मेरा मार्गदर्शन किया।उनके अंतिम दर्शन हेतु चिकित्सालय जाकर उन्हें अपनी पीसीसी एवं राज्य शासन की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

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भारत मे सबसे पहले लोकडाउन में छूट देने वाला राज्य बनेगा ,छत्तीसगढ़,20 अप्रैल के छूट देने का ऐलान कुछ पाबंदियां जरूर | प्रदेश में शराब,गुटखा,तंबाखू,गुड़ाखु के लिए नियम देखे जरूर


छत्तीसगढ़ सरकार ने 20 अप्रैल के बाद छूट देने का ऐलान किया,जरूरी सेवाओ के साथ पाबंदियां भी,देखे किन किन सेवाओ में दी गयी छूट,शराब तंबाखू 


रायपुर। कोरोना वायरस के मद्देनजर लागू लॉकडाउन में छत्तीसगढ़ सरकार ने ढील देने का ऐलान किया है। जिसके चलते कई जरूरी सेवाओं में 20 अप्रैल से छूट मिलेगी। तो वहीं कुछ सेवाओं को 3 मई तक पांबदी लगाई गई है। सरकार ने आम लोगों से जुड़ी किन-किन सेवाओं में छूट दी है जानिए….

  • 20 अप्रैल से राज्य के भीतर और बाहर माल परिवहन को अनुमति
  • हर तरह के माल परिवहन की अनुमति दी गई है।
  • रेलवे सेवाओं में माल एवं पार्सल ट्रेनें चलेंगी।
  • ट्रक एवं दूसरे वाहन अधिकतम दो ड्राइवरों तथा एक सहायक के साथ चल सकेंगे।
  • ड्राइवरों के पास वैध लाइसेंस होना जरूरी है।
  • माल डिलिवरी के बाद खाली ट्रक को लौटने की तथा माल भरने की अनुमति रहेगी।
  • ट्रक रिपेयर गैरेज तथा राज मार्गों पर ढाबे सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खोले जा सकेंगे।
  • इन तरह के निर्माण कार्य शुरू किए जा सकेंगे।
  • नगरीय निकायों की सीमा से बाहर ग्रामीण इलाकों से बाहर सड़क-भवन निर्माण, सिंचाई परियोजना, वाटर सप्लाई एवं स्वच्छता, सौर उर्जा और विद्युत ट्रांसमिशन लाईन, दूरसंचार के लिए ऑप्टिकल फाइबर एवं केबल डालने का काम सभी प्रकार के उद्योग सहित निर्माण परियोजनाएं शुरू होगी।
  • मनोरंजन पार्क, नाट्यशाला, बार एवं सभागार, शराब बिक्री, पान तंबाकू गुटखा बिक्री, असेंबली हाल, सभी सामाजिक, राजनीतिक, खेलकूद, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं अन्य सामूहिक आयोजन बंद रहेंगे।
  • राज्य सरकार और अधीनस्थ कार्यालयों में काम शुरू होगा।
  • पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, आपातकालीन सेवाएं, आपदा प्रबंधन एवं जेल, नगरीय निकायों की सेवाएं प्रशासन का हॉटस्पाट पर कड़ा नियंत्रण रहेगा।
  • हॉटस्पाट या ऐसे क्षेत्र या ऐसे क्लस्टर जिनमें कोरोना वायरस का संक्रमण वृहद स्तर पर फैला हो, केंद्र के निर्देशों के मुताबिक पालन होंगे। इसके मुताबिक ही कंटेन्मेंट जोन सीमांकित किए जाएंगे।
  • इनके भीतर गाइडलाइन में दिए गए निर्देशों के अतिरिक्त कोई भी छूट नहीं दी जाएगी। यहां पर लोगों की आवाजाही पर कड़ा नियंत्रण रहेगा।
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दवा कम्पनियां ब्रांडेड दवा से बड़ा मुनाफा के चक्कर में जेनेरिक दवाओं पर फैलाया है भ्रम !




सामान्य दवा या जेनेरिक दवा (generic drug) वह दवाहै जो बिना किसी पेटेंट के बनायी और वितरित की जाती है। जेनेरिक दवा के फॉर्मुलेशन पर पेटेंट हो सकता है किन्तु उसके सक्रिय घटक (active ingradient) पर पेटेंट नहीं होता। जैनरिक दवाईयां गुणवत्ता में किसी भी प्रकार के ब्राण्डेड दवाईयों से कम नहीं होतीं तथा ये उतनी ही असरकारक है, जितनी की ब्राण्डेड दवाईयाँ। यहाँ तक कि उनकी मात्रा (डोज), साइड-इफेक्ट, सक्रिय तत्व आदि सभी ब्रांडेड दवाओं के जैसे ही होते हैं। जैनरिक दवाईयों को बाजार में उतारने का लाईसेंस मिलने से पहले गुणवत्ता मानकों की सभी सख्त प्रक्रियाओं से गुजरना होता है।

किसी रोग विशेष की चिकित्सा के लिए तमाम शोधों के बाद एक रासायनिक तत्‍व/यौगिक विशेष दवा के रूप में देने की संस्तुति की जाती है। इस तत्‍व को अलग-अलग कम्पनियाँ अलग-अलग नामों बेचतीं है। जैनरिक दवाईयों का नाम उस औषधि में उपस्थित सक्रिय घटक के नाम के आधार पर एक विशेषज्ञ समिति द्वारा निर्धारित किया जाता है। किसी दवा का जेनेरिक नाम पूरे विश्व में एक ही होता है।

उदाहरण के लिए, उच्छ्रायी दुष्क्रिया (शिश्न को खड़ा न कर पाना / erectile dysfunction) की चिकित्सा के लिए सिल्डेन्फिल (sildenafil) नाम की जेनेरिक दवा है। यही दवा फिजर (Pfizer) नामक कम्पनी वियाग्रा (Viagra) नाम से बेचती है।

अधिकांश बड़े शहरों में जेनेरिक मेडिकल स्टोर होते हैं जहाँ केवल जेनेरिक दवाएँ ही मिलतीं हैं। किन्तु इनका व्यापक प्रचार नहीं होने से लोगों को इनका लाभ नहीं मिलता।

किसी भी बीमारी के लिए डॉक्टर जो दवा लिखता है, ठीक उसी दवा के सॉल्ट वाली जेनेरिक दवाएं उससे काफी कम कीमत पर आपको मिल सकती हैं। कीमत का यह अंतर पांच से दस गुना तक हो सकता है। बात सिर्फ आपके जागरूक होने की है। बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि देश में लगभग सभी नामी दवा कम्पनियां ब्रांडेड के साथ-साथ कम कीमत वाली जेनेरिक दवाएं भी बनाती हैं लेकिन ज्यादा लाभ के चक्कर में डॉक्टर और कंपनियां लोगों को इस बारे में कुछ बताते नहीं हैं और जानकारी के अभाव में गरीब भी केमिस्ट से महंगी दवाएं खरीदने को विवश हैं।

गौरतलब है कि किसी एक बीमारी के लिए तमाम शोधों के बाद एक रासायनिक यौगिक को विशेष दवा के रूप में देने की संस्तुति की जाती है। इस यौगिक को अलग-अलग कम्पनियां अलग-अलग नामों से बेचती हैं। जेनेरिक दवाइयों का नाम उसमें उपस्थित सक्रिय यौगिक के नाम के आधार पर एक विशेषज्ञ समिति निर्धारित करती है। किसी भी दवा का जेनेरिक नाम पूरे विश्व में एक ही होता है।

जेनेरिक दवा बिना किसी पेटेंट के बनाई और वितरित की जाती हैं यानी जेनेरिक दवा के फॉर्मुलेशन पर पेटेंट हो सकता है किन्तु उसकी सामग्री पर पेटेंट नहीं हो सकता। अंतरराष्ट्रीय मानकों से बनी जेनेरिक दवाइयों की गुणवत्ता ब्रांडेड दवाइयों से कम नहीं होती, जिनकी आपूर्ति दुनियाभर में भी की जाती है और यह भी उतना ही असर करती हैं जितना ब्रांडेड दवाएं करती हैं। उनकी डोज, साइड- इफेक्ट, सामग्री आदि सभी ब्रांडेड दवाओं के एकदम समान होती हैं। उदाहरण के लिए पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के इलाज के लिए सिल्डेन्फिल नाम की जेनेरिक दवा होती है जिसे फाइजर कम्पनी वियाग्रा नाम से बेचती है।

जेनेरिक दवाइयों को भी बाजार में लाने का लाइसेंस मिलने से पहले गुणवत्ता मानकों की सभी सख्त प्रक्रियाओं से गुजरना होता है। इन दवाओं के प्रचार-प्रसार पर कंपनियां कुछ खर्च नहीं करती। जेनेरिक दवाओं के मूल्य निर्धारण पर सरकारी अंकुश होता है, इसलिए वे सस्ती होती हैं, जबकि पेटेंट दवाओं की कीमत कंपनियां खुद तय करती हैं, इसलिए वे महंगी होती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि यदि डॉक्टर मरीज को जेनेरिक दवाइयों की सलाह देने लगें तो केवल धनी देशों में चिकित्सा व्यय पर 70 प्रतिशत तक कमी आ जायेगी तथा गरीब देशों के चिकित्सा व्यय में यह कमी और भी ज्यादा होगी।

कई बार तो ब्रांडेड और जेनेरिक दवाओं की कीमतों में नब्बे प्रतिशत तक का फर्क होता है। जैसे यदि ब्रांडेड दवाई की 14 गोलियों का एक पत्ता 786 रुपये का है, तो एक गोली की कीमत करीब 55 रुपये हुई। इसी सॉल्ट की जेनेरिक दवा की 10 गोलियों का पत्ता सिर्फ 59 रुपये में ही उपलब्ध है, यानी इसकी एक गोली करीब 6 रुपये में ही पड़ेगी। खास बात यह है कि किडनी, यूरिन, बर्न, दिल संबंधी रोग, न्यूरोलोजी, डायबिटीज जैसी बीमारियों में तो ब्रांडेड व जेनेरिक दवा की कीमत में बहुत ही ज्यादा अंतर देखने को मिलता है।

दवा कम्पनियां ब्रांडेड दवा से बड़ा मुनाफा कमाती हैं। दवाओं की कंपनियां अपने मेडिकल रिप्रजेंटेटिव्ज के जरिए डॉक्टरों को अपनी ब्रांडेड दवा लिखने के लिए खासे लाभ देती हैं। इसी आधार पर डॉक्टरों के नजदीकी मेडिकल स्टोर को दवा की आपूर्ति होती है। यही वजह है कि ब्रांडेड दवाओं का कारोबार दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि डॉक्टर जेनेरिक दवा लिखते ही नहीं हैं। जानकारी होने पर कोई व्यक्ति अगर केमिस्ट की दुकान से जेनेरिक दवा मांग भी ले तो दवा विक्रेता इनकी उपलब्धता से इंकार कर देते हैं।

देश के ज्यादातर बड़े शहरों में एक्सक्लुसिव जेनेरिक मेडिकल स्टोर होते हैं, लेकिन इनका व्यापक प्रचार नहीं होने से लोगों को इनका फायदा नहीं मिलता आजकल हर प्रकार की जानकारी इंटरनेट के जरिये आसानी से हासिल की जा सकती है। ब्रांडेड और जेनेरिक दवाओं की कीमत में अंतर का पता लगाने के लिए एक मोबाइल एप 'समाधान और हैल्थकार्ट भी बाजार में उपलब्ध है। दरकार है कि आज लोग जेनेरिक दवाओं के बारे में जानें और खासतौर पर गरीबों को इस ओर जागरूक करें ताकि वे दवा कंपनियों के मकडज़ाल में न फंसें।
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PM KISAN YOJNA- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ आप को यदि नहीं मिल पाया तो यह आर्टिकल आप के ही लिए है ! Mobile App से स्वयं आवेदन करें I


PM किसान योजना में इन्हें नहीं मिलता लाभ, आपको सालाना 6 हजार रुपये की मदद मिलेगी या नहीं ऐसे करें चेक





Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana: सरकार यह मदद छोटे और सीमांत किसानों को दे रही है, वहीं एक सवाल सभी के मन में उठता है कि सरकार किन किसानों को इस स्कीम का फायदा नहीं देती।


Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana:
👉👉👉केंद्र सरकार किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद देती है। कोरोना संकट के बीच सरकार किसानों के खाते में पैसे ट्रांसफर किए हैं। योजना के तहत 4.91 करोड़ किसानों के अकाउंट में 2000-2000 रुपये भेजे गए हैं। डायरेक्ट बेनिफट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पैसे ट्रांसफर किए गए हैं।


👉👉👉सरकार यह मदद छोटे और सीमांत किसानों को दे रही है, वहीं एक सवाल सभी के मन में उठता है कि सरकार किन किसानों को इस स्कीम का फायदा नहीं देती। यानि कि कौन से किसान इस स्कीम के लिए पात्र नहीं माने गए हैं। सरकार ने इसपर भी स्थिति साफ की हुई है। ऐसे किसान जो कि किसी संवैधानिक पद पर मौजूद हैं उन्हें इसका फायदा नहीं मिलेगा।

👉👉👉इनकम टैक्स अदा करने वाला व्यक्ति, 10 हजार रुपये प्रति माह पेंशन पाने वाला रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को भी इस स्कीम में शामिल नहीं किया गया है। बता करें सरकार की नज में छोटे और सीमांत किसानों की परिभाषा क्या है तो ऐसा परिवार जो सामूहिक रूप से दो हेक्टेयर जमीन पर खेती करते हो।







हम आपको अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री किसान समाज निधि योजना जिलेवार सूची (PM Kisan Samman Nidhi Yojana List) की जानकारी देने जा रहे हैं| हम आपको बताएंगे की आप किस प्रकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लिस्ट (PM Kisan Yojana List 2019) देख सकते हैं| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपनी अंतिम बजट में किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की है|प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 2 हेक्टेयर तक भूमि वाले छोटे किसान परिवारों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष की दर से प्रत्यक्ष आय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।



प्रधानमंत्री किसान योजना आय सहायता 2,000 रुपये प्रत्येक की तीन समान किस्तों में लाभान्वित किसानों के बैंक खातों में सीधे ही हस्तांतरित कर दी जाएगी। हम आपको बताएंगे आप किस प्रकार घर बैठे ऑनलाइन किसान सम्मान निधि योजना लिस्ट 2020 देख सकते हैं|


प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना List जारी हो चुकी है साथ सम्मान निधि स्कीम (PM-kisan samman Nidhi scheme) की तीसरी किश्त देश के 1.41 करोड़ किसानों (Farmers) के बैंक अकाउंट (Bank Account ) में पहुंच चुकी है. लेकिन देश के करीब 12 करोड़ किसानों को अब भी 2000 रुपये की अंतिम किश्त नहीं मिली है. बताया गया है कि योजना के पहले चरण की अंतिम किश्त देने में इसलिए देरी हो रही है क्योंकि इसमें किसानों का अच्छी तरह वेरीफिकेशन हो रहा है



किसान सम्मान निधि योजना लाभार्थी सूची



किसान सम्मान निधि योजना में सत्र 2020 के लिए लाभार्थी सूची पहली किस्त मार्च तक जारी कर दी है 

इस योजना के तहत, किसान को तीन किस्तों में 6000रु जो किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र हैं, वे मोबाइल नंबर, आधार संख्या और खाता संख्या के माध्यम से भुगतान की स्थिति की जांच कर सकते हैं। PMKSY list के लिए हमारे आर्टिकल के साथ जुड़े हैं| लोगों को बेसब्री से समान निधि योजना लिस्ट का इंतजार होगा| अब अब उनका इंतजार खत्म होगा क्योंकि दोस्तों किसान समान योजना सूची 2020 (pm Kisan Samman beneficiary list) आ चुकी है| 

अगर आप अपना नाम इस योजना में शामिल है या नहीं इसे भी घर बैठे चेक कर सकते हो। इसके लिए इस लिंक WWW.PMKISAN.GOV.IN पर क्लिक करना होगा। यहां आपको एक लिस्ट मिलेगी जिसपर आप आसानी से अपनी पात्रता चेक सकते हैं। 


किसान निधि योजना लाभार्थी सूची देंखे -



Mobile App/ Computer से  स्वयं आवेदन करें योजना के लिए  
वहीं पीएम किसान योजना के लिए अब आपको आवेदन करने के लिए भी कॉमन सर्विस सेंटर जाने की जरूरत नहीं है। वेबसाइट पर भारत सरकार द्वारा जारी एंड्राइड एप्लीकेशन की मदद से स्वयम ही आवेदन कर सकते हैं।

एंड्राइड एप्लीकेशन का लिंक यंहा से प्राप्त करें या प्ले स्टोर में जाकर "pmkisan" लिख कर ढूंढे 

 

PM KISAN APPLICATION इंस्टाल कर नवीन आवेदन के लिए NEW FARMER REGISTRTION पर क्लिक कर फॉर्म भर सकते हैं साथ ही पंजीयन व् किस्त की स्थिति भी जाँच सकते हैं 







इस एप्लीकेशन की मदद से pmkisan संबधी समस्या का निदान कर सकते है l इसके बाद यदि किसी भी तरह की समस्या हो तो निःसंकोच निचे दिए कमेंट बॉक्स में अपना सवाल पूछे . 
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सावधान ....!!! बिना मास्क के सार्वजनिक स्थानों में पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई. छत्तीसगढ़ में मास्क पहनना हुआ अनिवार्य…..स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश


कोरोना बिग ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में मास्क पहनना हुआ अनिवार्य…..स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश… बिना फेस कवर या मास्क से बाहर निकले, तो हो सकती है गिरफ्तारी … 

सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहने बगैर घूमने पर सीधे दर्ज होगी एफआईआर, ट्रिपल लेयर मास्क पहनने की नसीहत, उपलब्ध नहीं होने पर होम मेड मास्क का किया जा सकेगा इस्तेमाल, सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश

दूध, सब्जी जैसे जरूरी सामान खरीदने भी यदि आप बाहर जा रहे हैं, तो ध्यान रखिए आपको मास्क लगाना होगा. 

आदेश पढ़िये-----
                       छत्तीसगढ़ में 8 नए मरीज मिलने के बाद प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इसी बीच छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने सार्वजनिक स्थलों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार सार्वजनिक स्थलों में मास्क पहनना अनिवार्य है, बिना मास्क पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आदेश में यह भी कहा गया है कि मास्क नहीं होने गमछा,रुमाल,दुपट्टा से चेहरा ढंकने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि इससे पहले मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश सकरार ने भी ऐसा आदेश जारी किया था।

        इससे पहले कई राज्यों में मास्क पहनना अनिवार्य करदिया गया था। दिल्ली सरकार के अलावे महाराष्ट्र सरकार के अलावे चंडीगढ़, उड़ीसा और उत्तर प्रदेश में पहले मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर मास्क लगाये बिना सड़कों पर निकले तो फिर उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता है।


स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ये आदेश छत्तीसगढ़ पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 की धारा 71 के सुगंसत प्रावधानों के अंतगर्तजारी किया गया है। एपिडेमिक एक्ट 1897 की धारा 71 (1) में प्रदत्त प्रावधानों के अंतर्गत राज्य में सार्वजनिक स्थलों में निकलने समय मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है. बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है. यह उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में घर पर बने तीन परतों वाले मास्क का भी उपयोग किया जा सकता है. 

अगर बाजार का मास्क उपलब्ध ना हो तो_______

इसके लिए बाजार में मिलने वाला ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग किया जा सकता है। अगर बाजार का मास्क उपलब्ध ना हो तो घर में बना तीन परतों वाला फेस कवर बनाया जा सकता है। फेस कवर उपलब्ध ना होने की स्थिति में गमछा, रूमाल, दुपट्टा का इस्तेमाल किया जा सकता है। फेस कवर या मास्क ऐसा होना चाहिये, जिसमें नाक और मुंह पूरी तरह से ढका हुआ हो।मास्क उपलब्ध नहीं होने के हालात में गमछा, दुपट्टा, रूमाल का इस्तेमाल किए जाने की नसीहत दी गई है.





राज्य सरकार ने कहा है कि अगर बिना मास्क के बाहर निकले तो छत्तीसगढ़ पब्लिक हेल्थ एक्ट या छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डीजेज के नियम के मुताबिक कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।
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छत्तीसगढ़ पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल को राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा लॉन्च किया-ऑनलाइन पोर्टल पंजीकरण

पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल | पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल पंजीकरण | Padhai Tunhar Dwar Registration | Chattisgarh Padhai Tunhar Dwar Portal के लाभ



छत्तीसगढ़ पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल को राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा लॉन्च किया है इस ऑनलाइन पोर्टल पर राज्य के बच्चों को ई क्लासरूम, स्टडी मटेरियल, वीडियो लेसन, शैक्षणिक खेल, होमवर्क करने जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएगी । जैसे की आप लोग जानते है की पूरे देश में कोरोना वायरस का संक्रमण चल रहा है जिसे रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पूरे देश में लॉक डाउन कर दिया है । इस लॉक डाउन की वजह से सारे स्कूल बंद है और बच्चो की पढाई पर असर पड़ रहा है । ऐसे में बच्चो की पढाई प्रभावित न हो इसके लिए मुख्यमंत्री जी ने ऑनलाइन पोर्टल को शुरू किया है ।इस Padhai Tunhar Dwar ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बच्चो को ऑनलाइन पढाई करायी जाएगी ।


पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल के ज़रिये छत्तीसगढ़ के लाखों छात्र बिना किसी शुल्क के ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। एक दिन में इससे राज्य के 820 बच्चे औश्र 1708 शिक्षक जुड़ चुके हैं। जल्द ही प्रदेश के लाखों बच्चे इस पोर्टल से जोड़े जाएंगे और घर बैठे ही उनकी कक्षाओं की पढ़ाई पूरी कराई जाएगी।इस Padhai Tunhar Dwar Portal में होमवर्क तथा होमवर्क को ऑनलाइन जांचने की सुविधा भी है । इसमें कक्षा 1 से 10वीं तक के स्टूडेंट पढ़ाई कर सकेंगे। राज्य के जो इच्छुक लाभार्थी ऑनलाइन पोर्टल पर पढाई करना चाहते है तो उन्हें इस ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा । आइये आज हम अपने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको बताएगे कि आप किस प्रकार छत्तीसगढ़ पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते है ।


पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल पर मिलने वाली सुविधाएं

  • इस पोर्टल में बच्चे अपनी क्लास सिलेक्टर करेंगे। इसके बाद विषय का ऑप्शन मिलेगा।
  • इसमें स्टूडेंट किताबों को पीडीएफ फॉर्मेट में पढ़ पाएंगे, किताबें डाउनलोड भी की जा सकेंगी।
  • शिक्षक और बच्चे अपने-अपने घरों से ही वीडियो कॉफ्रेंस के जरिए जुड़ेंगे और बात करते हुए पढ़ाई कर सकेंगे।
  • इसमें ऑनलाईन होम वर्क भी दिया जाएगा। बच्चे अपनी कॉपी में होमवर्क पूरा करेंगे, फिर मोबाइल से फोटो लेकर उसे अपलोड करेंगे, टीचर पोर्टल में ही उसे जांचेंगे।
  • इस छत्तीसगढ़पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल के ज़रिये राज्य के छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई ई-प्रक्रिया के तहत सीखना जारी रख सकेंगे और आगे की पढ़ाई के लिये पूरी तरह से तैयार रहेंगे।

Chattisgarh Padhai Tunhar Dwar Portal के लाभ

  • इस ऑनलाइन पोर्टल का लाभ छत्तीसगढ़ के छात्र छात्राये उठा सकते है ।
  • राज्य के छात्र छात्राये इस Chattisgarh Padhai Tunhar Dwar Portal के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन पढाई कर सकते है ।
  • इस सुविधा का लाभ छत्तीसगढ़ के 1 से 10 वी क्लास के स्टूडेंट्स पढाई कर सकते है ।
  • बच्चों को ई क्लासरूम, स्टडी मटेरियल, वीडियो लेसन, शैक्षणिक खेल, होमवर्क करने जैसी सुविधाएं मिलेंगी ।
  • राज्य के छात्र छात्राओं को कोई फीस भी नहीं देनी पड़ेगी ।

छत्तीसगढ़ पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल पर पंजीकरण कैसे करे ?


राज्य के जो इच्छुक विद्यार्थी छत्तीसगढ़ पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करना चाहते है तो वह नीचे दिए गए तरीके को फॉलो करे ।


सर्वप्रथम आवेदक को छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा ।ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के आपके सामने होम पेज खुल जायेगा ।

होम पेज पर आपको “विधार्थी पंजीयन के विकल्प पर क्लिक करना होगा । ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने कंप्यूटर स्क्रीन पर अगला पेज खुल जायेगा ।


इस पेज पर आपको पूछी गयी सभी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर, नाम , ईमेल आईडी , जिला चुनिए , पता आदि भरनी होगी । सभी जानकारी भरने के बाद आपको पंजीयन करे के बटन पर क्लिक करना होगा

इस तरह आपका पंजीकरण पूरा हो जायेगा ।


  1. शिक्षक पंजीकरण कैसे करे ?
  2. राज्य के जो शिक्षक इस छत्तीसगढ़ पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना चाहते है तो वह नीचे दिए गए तरीके को फॉलो करे ।
  3. सबसे पहले आवेदक को ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा ।ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा ।
  4. इस होम पेज पर आपको “शिक्षक पंजीयन” का विकल्प दिखाई देगा । विकल्प पर क्लिक करने के बाद आपके सामने अगला पेज खुल जायेगा ।
  5. इस पेज पर आपको पूछी गयी सभी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर ,ईमेल आईडी , जिला चुनिए , पता , प्रशिक्षण का स्तर आदि भरनी होगी ।
  6. सभी जानकारी भरने के बाद आपको पंजीयन करे के बटन पर क्लिक करना होगा ।इस तरह शिक्षक अपना पंजीकरण कर सकते है ।


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प्रधानमंत्री जन धन योजना 2020: नवीनतम सुचना! Pradhanmantri Jan Dhan Yojana 2020 Update

पीएम जन धन योजना आवेदन । Pradhanmantri Jan Dhan Scheme बैंक खाता | प्रधानमंत्री जन धन योजना | जन धन योजना प्रधानमंत्री पात्रता

PM Jan Dhan Yojana New Update

जैसे आप सभी लोग जानते है कि पूरे भारत देश में कोरोना वायरस का प्रकोप चल रहा है जिससे देश के सभी लोग डरे हुए है इस परेशानी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा देश के लोगो को सुरक्षा देने के लिए पूरे भारत देश में 21 दिन का लॉक डाउन किया जा चूका है ।देश में महामारी के संकट से उभरने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। इसी के चलते देश की वित् मंत्री निर्मला सीतारमण जी में देश की महिलाओ के लिए जन धन योजना के तहत नयी घोषणा की है । देश की वित् मंत्री जी ने कहा है कि जिन महिलाओ के बैंक में जन धन खाते खुले हुए है उन महिला खातेधारकों को अगले तीन महीने तक 500 रूपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी यह धनराशि सीधे डीबीटी के माध्यम से सरकार द्वारा लाभार्थी महिला के खाते में पहुचाये जायेगे ।इसका लाभ देश की 20 करोड़ महिलाओ को दिया जायेगा ।
Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana: खतरनाक कोरोना वायरस संकट और लॉकडाउन के बीच केंद्र सरकार गरीबों के खातों में पैसे डाल रही है। ये पैसे एलपीजी गैस सिलिंडर सब्सिडी, किसान योजना, विधवा पेंशन और महिला जन धन खातों में डाले जा रहे हैं। गरीब कल्याण योजना के तहत जनधन खाताधारकों के अकाउंट में अगलते तीन महीने तक पैसे ट्रांसफर किए जा रहे है। अबतक करोड़ों लोगों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए जा चुके हैं।



प्रधानमंत्री जन धन योजना की घोषणा हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 15 अगस्त 2014 को की गयी थी और इस योजना को 28 अगस्त 2014 को शुरू किया गया है ।इस योजना के अंतर्गत देश के गरीब लोगो के बैंक में ,पोस्ट ऑफिस और राष्ट्रीयकृत बैंको में जीरो बैलेंस पर खाते खोले(Accounts will be opened in the bank of poor people of the country, at zero balance in the post office and nationalized banks.) जायेगे ।जिन खातों से आधार कार्ड लिंक होगा उन्हें 6 महीने बाद रुपये 5000 की ओवरड्राफ्ट सुविधा और रुपे डेबिट कार्ड और रुपे किसान कार्ड में अंतर्निहित 1 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा कवर के साथ सुविधा प्रदान की जाएगी ।


इस योजना के अंतर्गत देश के सभी ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रो के गरीब लोगो को लाभ पहुंचाया जायेगा । इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थी के खाता खुलवाने के बाद किसी वजह से मृत्यु हो(An eligible beneficiary dies due to opening of account ) जाती है तो केंद्र सरकार द्वारा लाभार्थी के परिवार को 30,000 रूपये का अतिरिक्त बीमा कवर भी (The central government will also provide an additional insurance cover of Rs 30,000 to the beneficiary’s family.) दिया जाएगा । Pradhanmantri Jan Dhan Yojana 2020 को जन धन खाता भी कहते है । इस योजना के अंतर्गत गरीब लोग बड़ी ही आसानी से अपना खाता खुलवा सकते है । उन्हें न तो कोई पैसा देना होगा और न ही उन्हें खाता खुलवाने के कोई परेशानी होगी । इस योजना के ज़रिये देश के लोगो को वित्तीय सेवाएं आसानी से प्राप्त होंगी ।

प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना
PM Jan Dhan Yojana 2020 Highlights
योजना का नाम प्रधानमंत्री जन धन योजना
इनके द्वारा शुरू की गयी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा
लांच की तारीक 15 अगस्त 2014
लाभार्थी देश के नागरिक


प्रधानमंत्री जन धन योजना 2020 का उद्देश्य

जैसे की आप लोग जानते है की बहुत से लोग ऐसे है जो अपना बैंक अकाउंट नहीं खुलवा पाते है और बैंक द्वारा दी जा रही बैंकिंग सुविधा से अवगत नहीं है ।केंद्र सरकार की गरीब परिवारों के लिए एक बहुत ही अच्छी पहल है इस प्रधानमंत्री जन धन योजना 2020 के तहत देश के आर्थिक रूप से गरीब लोग ,पिछड़े वर्ग के लोगो को जीरो बैलेंस पर बैंक में खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध कराना और आधारित ऋण प्राप्त करने की सुविधा ,अंतरण सुविधा ,बीमा तथा पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराना | Pradhanmantri Jan Dhan Yojana 2020 के ज़रिये बैंकिंग/बचत, जमा खाता, प्रेषण, ऋण, बीमा, पेंशन इत्यादि वित्तीय सेवाओं को प्रभावी ढंग से सभी तक पहुँचाना है।

पीएमजेडीवाई में खोले गए खातों की संख्या


हमने एक ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में खोले गए खातों की संख्या और उनके द्वारा जमा की गई राशि और जारी किए गए रुपे कार्ड (25 मार्च 2020 तक के आंकड़े के अनुसार) की जानकारी हमने नीचे दी हुई है नीचे दी गयी पूरी जानकारी विस्तारपूर्वक पढ़े |

प्रधानमंत्री जन धन योजना के कारक

पीएमजेडीवाई योजना में 6 स्तंभ शामिल हैं जो निम्नानुसार हैं -
बैंकिंग सुविधाओं के लिए सुलभ – इसके साथ, वे प्रत्येक जिले को एसएसए में रखने का प्रयास कर रहे हैं जिसका अर्थ है उप सेवा क्षेत्र जिसके तहत कम से कम एक से दो हजार घरों को 5 किमी की सीमा के भीतर कवर किया जाएगा।

बुनियादी बैंकिंग सुविधा – उन्होंने प्रत्येक अनबिके घर में कम से कम एक बैंक खाते का लक्ष्य रखा, ताकि यह हर घर में बैंकिंग आदतों की संस्कृति को बढ़ा सके और उन्हें बैंक खाते में अपनी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए मना सके।

वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम – उन्हें वित्तीय साक्षरता के बारे में शिक्षित करने के लिए, ताकि वे एटीएम कार्ड का संचालन कर सकें और इसके लाभ जान सकें।

माइक्रो क्रेडिट – जब आप खाता खोल लेते हैं और अगले छह महीनों के लिए इसे संतोषजनक रूप से संचालित करते हैं, तो आप 5000 रुपये की क्रेडिट सुविधा के लिए पात्र हैं और इसके लिए बैंक आपसे किसी भी प्रकार की सुरक्षा, उद्देश्य या क्रेडिट के उपयोग के लिए नहीं पूछेगा।

सूक्ष्म बीमा सुविधा – इसके साथ सभी बीएसबीडी (मूल बचत बैंक जमा) खाता धारक सूक्ष्म बीमा के लिए पात्र हैं और इसके लिए दो बीमा योजनाएं हैं ।

प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना (PMJBY) – इसके तहत लाभार्थी को 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर मिलेगा और इसके लिए उन्हें केवल 330 रुपये के प्रीमियम का प्रति वर्ष का भुगतान करना होगा

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) – यह बीमा योजना आपको 2 लाख रुपये का आकस्मिक कवर देगी और इसके लिए आपको केवल 12 रुपये के प्रीमियम का प्रति वर्ष का भुगतान करना होगा।

RuPay डेबिट कार्ड – एक बार जब आप खाता खोलेंगे तो आपको रुपे कार्ड (एटीएम कार्ड) मिलेगा, जिसमें केवल 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा शामिल है।

प्रधानमंत्री जन धन योजना 2020 के लाभ

  1. देश क कोई भी नागरिक इस योजना के तहत बैंको में अपना खाता खुलवा सकते है और 10 साल तक के छोटे बच्चे का भी इस योजना के तहत खाता खुलवा सकते है ।
  2. इस पीएम जन धन योजना 2020 के तहत खाता खुलवाने पर 1 लाख रूपये तक का दुर्घटना बीमा भी कवर किया जायेगा ।
  3. प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत 30,000 रुपये का जीवन बीमा लाभार्थी को उसकी मृत्यु पर सामान्य शर्तों की प्रतिपूर्ति पर देय होगा।
  4. PMJDY 2020 के अंतर्गत इच्छुक लाभार्थी किसी भी बैंक में जन धन खाता खोलने पर खातेदारों को बिना किसी कागज़ पत्रिका के 10 ,000 रूपये तक का लोन ले सकते है ।
  5. सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को इन खातों में सीधे लाभ मिलेगा।
  6. प्रत्येक परिवार के एक खाते, विशेष कर महिला खाते में Rs।5000/- की ओवरड्राफ्ट सुविधा प्रदान की जाएगी ।
  7. प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) वित्तीय सेवाओं के लिए बैंकिंग, बचत / जमा खातों, प्रेषण, क्रेडिट, बीमा, पेंशन को किफायती तरीके से उपयोग सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय समावेशन के लिए राष्ट्रीय मिशन है।
  8. खाता किसी भी बैंक शाखा या व्यवसाय संवाददाता (बैंक मित्र) आउटलेट में खोला जा सकता है।
  9. पीएमजेडीवाई के तहत खोले गए खातों को जीरो बैलेंस के साथ खोला जा रहा है।
  10. हालाँकि, यदि खाताधारक चेक बुक प्राप्त करना चाहता है, तो उसे न्यूनतम बैलेंस मानदंड पूरा करना होगा।
  11. अब तक 38.22 करोड़ लाभार्थियों ने बैंको में धनराषि जमा की है और लाभार्थियों के बैंक खाता में अब तक 117,015.50 करोड़ रूपये जमा है |

Jan Dhan Scheme PM 2020 के दस्तावेज़

  • आवेदक का आधार कार्ड / पहचान पत्र / ड्राइविंग लाइसेंस / पैन कार्ड
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • पते का सबूत

प्रधानमंत्री जन धन योजना 2020 में आवेदन कैसे करे ?

देश के जो इच्छुक लाभार्थी इस प्रधानमंत्री जन धन योजना 2020 के तहत अपना खाता खुलवाना चाहते है तो उन्हें अपनी नज़दीकी बैंक में जाना होगा ।बैंक में जाने के बाद आपको वहाँ से जन धन खाता खोलने के लिए आवेदन फॉर्म प्राप्त करना । आवेदन फॉर्म लेने के बाद आपको आवेदन फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी भरनी होगी । सभी जानकारी भरने के बाद आपको आवेदन फॉर्म के साथ अपने सभी ज़रूरी दस्तावेज़ों को एप्लीकेशन फॉर्म के साथ सलग्न करने होंगे और भरे हुए आवेदन फॉर्म को बैंक के अधिकारी के पास जमा करना होगा ।इसके बाद अधिकारी द्वारा आवेदन फॉर्म की कारवाही पूरी होने पर आपका जन धन खाता खुल दिया जायेगा ।

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उज्ज्वला योजना नवीनतम अपडेट ! PMUY सूची ! गरीब लोगो को Free LPG Connection



प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लिस्ट | उज्ज्वला योजना बीपीएल सूची | उज्ज्वला योजना सूची 2020 | उज्ज्वला योजना बीपीएल न्यू लिस्ट | प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना बीपीएल सूची | Pradhan Mantri Ujjwala Yojana List in Hindi| PMUY BPL New List

उज्ज्वला योजना बीपीएल  लिस्ट  देश के जिन BPL परिवारों के लोगो ने उज्ज्वला योजना के अंतर्गत आवेदन किया है वह लोग इस BPL लिस्ट में अपना नाम देख सकते है और इस योजना का लाभ उठा सकते है | केंद्र सरकार ने इस नई लाभार्थी सूची को देखने के लिए Official Website शुरू की है इस Online Portal के माध्यम से देश के लोग Ujjwala Yojana BPL New List  में अपना नाम खोज सकते है | आज हम आपको बताएगी आप किस प्रकार बी पी एल सूची में अपना नाम किस प्रकार देख सकते है | यह जानने के लिए हमारे आर्टिकल को अंत तक पढ़े |


PMUY सूची में अब बहुत सारे नाम जोड़े जा चुके है क्योकि प्रधानमंत्री जी ने उज्ज्वला योजना के तहत देश के प्रत्येक गरीब लोगो को Free LPG Connection देने का लक्ष्य बनाया है | गरीबी रेखा से नीचे आने वाले BPL परिवारों के लोगो ने निशुल्क एलपीजी कनेक्शन पाने के लिए हाल ही में उज्ज्वला योजना के अंतर्गत आवेदन किया है वह Ujjwala Yojana BPL New List 2020 में अपना नाम खोज सकते है उसके बाद फ्री में एलपीजी कनेक्शन प्राप्त कर सकते है |

Pradhanmantri Ujjwala Yojana 2020 Highlights


  • योजना का नाम प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
  • इनके द्वारा शुरू की गयी पीएम नरेंद्र मोदी जी के द्वारा
  • विभाग पेट्रोलियम गैस मंत्रालय
  • लाभार्थी देश की गरीब वर्ग की महिलाये
  • उद्देश्य एलपीजी गैस सिलेंडर प्रदान करना
  • आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन
  • ऑफिसियल वेबसाइट https://pmuy.gov.in/

पीएम उज्ज्वला योजना


इस योजना को हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा देश की आर्थिक रूप से गरीब महिलाओ को रसोई गैस प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है ।देश के जो गरीब वर्ग की महिलाएं है वो खाना बनाने के लिए लकड़ी का प्रयोग व गोबर के उपले बनाकर खाना बनाते है उन्हें पीएम उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर दिया जायेगा । प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना केंद्र सरकार की पेट्रोलियम गैस मंत्रालय की सहायता से चलाई जा रही है। २०११ की जनगणना के अनुसार जिन परिवारों का नाम बीपीएल कार्ड में होगा उनको ही इस योजना का लाभ प्राप्त होगा।

उज्ज्वला योजना नई अपडेट

दिनांक 26 मार्च 2020 को श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा घोषणा की गई है कि आने वाले आगामी 3 महीनों तक सरकार द्वारा सभी बीपीएल परिवारों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा इस योजना की घोषणा का मुख्य उद्देश्य कोरोना वायरस की महामारी को ध्यान में रखते हुए किया गया है ताकि सभी गरीब परिवार जो की बीपीएल सूची में आते हैं आसानी से अपना जीवन यापन कर सकें इस योजना की घोषणा से लगभग 8.3 करोड़ परिवारों को लाभ होगा | यदि आप भी उज्जवला योजना के अंतर्गत अपना नाम खोजना चाहते हैं तो नीचे दी गई लिस्ट से देख सकते हैं


प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में फ्री गैस का लाभ

इस योजना के तहत देश के लोगो को फ्री सिलेंडर देना शुरू कर दिया है सरकार के पास उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों की पूरी जानकारी है। इसी के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में इन फ्री सिलेंडर का पैसे भेजा जाएगा ग्राहक इस पैसे से फ्री सिलेंडर ले सकेंगे। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दी जाने वाली 1 अप्रैल से फ्री गैस सिलेंडर की राशि पहली किस्त की तर्ज पर सरकार द्वारा भेजनी शुरू कर दी गई है। 14.2 किलोग्राम वाले तीन एलपीजी सिलेंडर ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत दिए जाएंगे। हर लाभार्थी को महीने में एक फ्री सिलेंडर दिया जाना है। पहले गैस सिलिंडर की डिलीवरी उठाने पर दूसरे किश्त की राशि उपभोक्ता के खाते में जाएगी। उसके बाद तीसरी क़िस्त दी जाएगी। दो रिफिल के बीच 15 दिन का अंतराल होनी चाहिए।

           केंद्र सरकार गरीबी रेखा से नीचे आने वाले BPL परिवारों को मुफ्त में Gas Connection प्रदान कर रहे है |इस योजना का लाभ उन महिलाओ को होगा जो आज भी पुराने ईंधन (चूल्हे में लकड़ी ) जलाकर खाना बनती है | जिससे महिलाओं के स्वास्थ्य को हानि होती है | इसलिए केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम और प्राकर्तिक गैस मंत्रालय (Petroleum Ministry ) के साथ मिलकर इस Pradhanmantri Ujjwala Yojana 2020 को शुरू किया है | यह योजना का लाभ सभी राज्य के BPL परिवारों को उपलब्ध कराया जायेगा |


PMUY 2020- उज्ज्वला योजना सूची

इस योजना के अंतर्गत 8 करोड़ BPL परिवारों को Free Gas Connection प्रदान किया जायेगा |जो इच्छुक लाभार्थी इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते है वह ऑनलाइन आवेदन कर सकते है उसके बाद PMUY BPL NEW List 2020 में अपना नाम देख सकते है | जो लाभार्थी बीपीएल सूची में अपना नाम देखना चाहते है इसकी जानकारी हमने नीचे दी हुई है | इस योजान का उद्देश्य है कि देश के हर गरीबी रेखा से नीचे आने वाले आने वाले BPL परिवारों को मुफ्त में गैस कनेक्शन उपलब्ध कराना | इस PMUY 2020 के ज़रिये महिलाओ के स्वास्थ्य को भी कोई हानि नहीं होगी |

उज्ज्वला योजना BPL NEW लिस्ट 2020 ऑनलाइन कैसे देखे ?



  • देश के जो इच्छुक लाभार्थी उज्ज्वला योजना BPL NEW लिस्ट 2020 में अपना नाम खोजना चाहते है तो वह नीचे दिए गए तरीके को फॉलो करे |
  • सर्वप्रथम लाभार्थी को Official Website पर जाना होगा | Official Website पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा |
  • इस होम पेज पर आपको एक फॉर्म दिखाई देगा इस फॉर्म में आपको अपने राज्य ,जिले ,तहसील का चयन करना होगा | सभी जानकारी भरने के बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा |
  • इसके बाद आपके सामने शहर और गांव की लाभार्थी नई लिस्ट खुल जाएगी | इस लिस्ट में आप अपना नाम खोज सकते है |

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रामायण तो याद रहा...!!! उर्मिला और उनके त्याग को शायद भूल गए.........???


उर्मिला संभवतया रामायण की सर्वाधिक उपेक्षित पात्र है.. 

      रामायण की जब भी बात आती है तो हमें मर्यादा पुरुषोत्तम राम याद आते हैं जो अपने पिता के वचन के लिए १४ वर्षों के वन को चले गए थे.. हमें देवी सीता याद आती हैं जो अपने पति के पीछे-पीछे वन की और चल दी..एक आदर्श भाई महापराक्रमी लक्ष्मण याद आते हैं जिन्होंने श्रीराम के लिए अपने जीवन का हर सुख त्याग दिया.. भ्रातृ प्रेम की मिसाल भरत याद आते हैं जिन्होंने अयोध्या में एक वनवासी सा जीवन बिताया..महाज्ञानी और विश्वविजेता रावण याद आता है जो धर्म कर्म  से पंडित होते हुए अनीति कर बैठा.. महावीर हनुमान, कुम्भकर्ण और मेघनाद याद आते हैं..


किन्तु इन सभी मुख्य पात्रों के बीच हम लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला को भूल जाते हैं.. उसके दुःख, त्याग और विरह वेदना को भूल जाते हैं जबकि शायद उसने देवी सीता से भी कहीं अधिक दुःख झेला..वनवास से वापस आने के बाद सीता उर्मिला से रोते हुए गले मिलती है और कहती है कि 
"हे सखि! तुम्हारे दुःख का ज्ञान भला लक्ष्मण को क्या होगा? मैं समझ सकती हूँ..१४ वर्ष मैंने चाहे वनवास में ही गुजारे किन्तु तब भी मुझे मेरे पति का सानिध्य प्राप्त था किन्तु तुम ने १४ वर्ष अपने पति की विरह में बिताये हैं इसीलिए तुम्हारा त्याग मेरे त्याग से कहीं अधिक बड़ा है.."

उर्मिला जनकपुरी के राजा महाराज जनक और रानी सुनैना की द्वितीय पुत्री और सीता की छोटी बहन थी.. जब श्रीराम ने स्वयंवर जीत कर देवी सीता का वरण किया तो महर्षि विश्वामित्र के सुझाव पर महाराज जनक ने सीता के साथ अपनी दूसरी पुत्री उर्मिला का विवाह लक्ष्मण के साथ तथा अपने छोटे भाई क्षीरध्वज की पुत्रिओं मांडवी और श्रुतकीर्ति का विवाह क्रमशः भरत और शत्रुघ्न के साथ तय किया..चारो बहनें एक साथ ही जनकपुरी से अयोध्या आयीं..लक्ष्मण और उर्मिला के अंगद और चंद्रकेतु नामक दो पुत्र और सोमदा नाम की एक पुत्री हुए...वाल्मीकि रामायण में उन्हें रूप, गुण एवं तेज में सीता के समान ही कहा गया है जिसने अल्प समय में ही अयोध्या में सभी का ह्रदय जीत लिया...
जब श्रीराम को वनवास हुआ तो उनके लाख समझाने के बाद भी देवी सीता उनके साथ चलने को तैयार हुई.. उधर लक्ष्मण तो राम के प्राण ही थे, वे कैसे उनका साथ छोड़ सकते थे.. इसलिए वे भी वन चलने को तैयार हुए..जब उर्मिला को पता चला कि लक्ष्मण भी वन जाने को प्रस्तुत हैं तब वे भी वल्कल वस्त्र धारण कर उनके पास आई और वन चलने का अनुरोध किया.. इस पर लक्ष्मण ने कहा "उर्मिले! तुम मेरी दुविधा को समझने का प्रयास करो... मेरे वन जाने का उद्देश्य केवल इतना है कि मैं वहाँ भैया और भाभी की सेवा कर सकूँ.तुम्हारे सानिध्य से मुझे सुख ही मिलेगा किन्तु तुम्हारे वहाँ होने पर मैं अपने इस कर्तव्य का वहाँ पूरी तरह से नहीं कर सकूँगा.. अतः तुम्हे मेरी सौगंध है कि तुम यहीं रहकर मेरे वृद्ध माँ-बाप की सेवा करो.." इसपर उर्मिला रोते हुए कहती हैं कि "आपने मुझे अपनी सौगंध दे दी है तो अब मैं क्या कर सकती हूँ? किन्तु मैं ये सत्य कहती हूँ कि चौदह वर्षों के पश्चात जब आप वापस आएंगे तो मुझे जीवित नहीं देख पाएंगे.. आपके विरह में इसी प्रकार रो-रो कर मैं अपने प्राण त्याग दूँगी.." तब लक्ष्मण फिर कहते हैं "प्रिये! अगर तुम इस प्रकार विलाप करोगी तो मैं किस प्रकार वन जा पाउँगा.. इसलिए मैं तुम्हे एक और सौगंध देता हूँ कि मेरे लौट के आने तक तुम किसी भी परिस्थिति में रोना मत.." यही कारण था जब लक्ष्मण लौट कर आये तो उर्मिला कई दिनों तक रोती रही.

         देवी उर्मिला के भीतर का अंतर्द्वंद समझा जा सकता हैं.. १४ वर्षों तक ना केवल वो अपने पति की विरह में जलती रही वरन अपने आसुंओं को भी रोक कर रखा.. यहाँ तक कि जब महाराज दशरथ का स्वर्गवास हुआ तो भी वे लक्ष्मण को दिए अपने वचन के कारण रो ना सकी..जब भरत अयोध्या वापस आते हैं और उन्हें श्रीराम के वनवास का समाचार मिलता है तो वे अपनी माता कैकेयी की कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हैं और उसके बाद तीनो माताओं, गुरुजनों और मंत्रियों को लेकर श्रीराम को वापस लेने के लिए चल देते हैं.. उस समय उर्मिला उनके पास आती हैं और उन्हें भी अपने साथ ले चलने को कहती हैं.इस पर भरत उन्हें समझाते हुए कहते हैं कि "उर्मिला! तुम इतना व्यथित क्यों होती हो? तुम्हारी व्यथा मैं समझ सकता हूँ किन्तु तुम्हे यात्रा का कष्ट सहन करने की क्या आवश्यकता है? बस कुछ ही दिनों की बात है, मैं तुम्हारे पति को साथ लेकर ही लौटूँगा.मैंने ये निश्चय किया है कि भैया, भाभी और लक्ष्मण को वापस लाने से मुझे विश्व की कोई शक्ति नहीं रोक सकती.. अतः तुम अधीरता त्यागो और अपने पति के स्वागत की तयारी करो.." जब श्रीराम अपने वचन की बाध्यता के कारण भरत के साथ आने में अपनी असमर्थता व्यक्त करते हैं तो भरत अयोध्या वापस आकर उर्मिला से कहते हैं "मैं सबसे अधिक तुम्हारा दोषी हूँ.. मेरे ही हठ के कारण तुम्हारे पास अपने पति के सानिध्य का जो एक अवसर था वो तुम्हे प्राप्त नहीं हुआ अतः तुम मुझे क्षमा कर दो..

      उर्मिला के विषय में उसकी निद्रा बड़ी प्रसिद्ध है जिसे "उर्मिला निद्रा" कहा जाता है...अपने १४ वर्ष के वनवास में लक्ष्मण एक रात्रि के लिए भी नहीं सोये.. जब निद्रा देवी ने उनकी आँखों में प्रवेश किया तो उन्होंने निद्रा को अपने बाणों से बींध दिया.. जब निद्रा देवी ने कहा कि उन्हें अपने हिस्से की निद्रा किसी और को देनी होगी तब लक्ष्मण ने अपनी निद्रा उर्मिला को दे दी..इसीलिए कहते हैं कि लक्ष्मण वन में १४ वर्षों तक जागते रहे और उर्मिला अयोध्या में १४ वर्षों तक सोती रही.. दक्षिण भारत में आज भी कुम्भकर्ण निद्रा के साथ-साथ उर्मिला निद्रा का भी जिक्र उन लोगों के लिए किया जाता है जिसे आसानी से जगाया ना सके.. ये इसलिए भी जरुरी था कि रावण के पुत्र मेघनाद को ये वरदान प्राप्त था कि उसे केवल वही मार सकता है जो १४ वर्षों तक सोया ना हो.. यही कारण था जब श्रीराम का राज्याभिषेक हो रहा था तो अपने वचन के अनुसार निद्रा देवी ने लक्ष्मण को घेरा और उनके हाथ से छत्र छूट गया..इसी कारण वे सो गए और राम का राज्याभिषेक नहीं देख पाए..उनके स्थान पर उर्मिला ने राज्याभिषेक देखा.. 

      एक तरह से कहा जाये तो मेघनाद के वध में उर्मिला का भी उतना ही योगदान है जितना कि लक्ष्मण का.. जब लक्ष्मण के हाँथों मेघनाद की मृत्यु हो गयी तो उसकी पत्नी सुलोचना वहाँ आती है और क्रोध पूर्वक लक्ष्मण से कहती है "हे महारथी! तुम इस भुलावे में मत रहना कि मेरे पति का वध तुमने किया है.. ये तो दो सतियों के अपने भाग्य का परिणाम है..यहाँ पर सुलोचना ने दूसरे सती के रूप में उर्मिला का ही सन्दर्भ दिया है.. यहाँ एक प्रश्न और आता है कि अगर उर्मिला १४ वर्षों तक सोती रही तो उसने अपने पति के आदेशानुसार अपने कटुम्ब का ध्यान कब रखा..इसका जवाब हमें रामायण में ही मिलता है कि उर्मिला को ये वरदान था कि वो एक साथ तीन-तीन जगह उपस्थित हो सकती थी और तीन अलग-अलग कार्य कर सकती थी और उनका ही एक रूप १४ वर्षों तक सोता रहा..

   उर्मिला के विरह और त्याग को जितना समझा जाये उतना कम है..शायद इसीलिये सीता ने एक बार कहा था,"हजार सीता मिलकर भी उर्मिला के त्याग की बराबरी नहीं कर सकती'..

धन्य  है वो युग..धन्य है वो लोग ...जिसने उर्मिला का त्याग देखा..धन्य है वो भारत भूमि जहां उर्मिला जी जन्मी🙏🙏
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