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शिवनाथ नदी के बीचों-बीच पर्यटन की अनूठी जगह मदकू द्वीप दो धर्म और आस्था का संगम स्थल

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परम प्रेम की परिणिति काम-क्रीडा को परिलक्षित करती छत्तीसगढ का खजुराहो भोरमदेव मंदिर।

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शिवरीनारायण का मंदिर माता शबरी का आश्रम छत्तीसगढ़-इतिहास के पन्नो में

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प्रेम का लाल प्रतीक लक्ष्मण मंदिर...........

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ताला की विलक्षण प्रतिमा-देवरानी जेठानी मंदिर

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Wednesday, August 18, 2021

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 6000 रूपये प्रतिवर्ष अनुदान की पूरी जानकारी I


 

आज छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शुरू किये जा रहे एक नई योजना  के बारे में जानकारी साझा करने जा रहे हैं ,जिसके अंतर्गत ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 6000 रूपये प्रतिवर्ष अनुदान दिया जायेगा | 


राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना:-इस योजना के क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन ,नया रायपुर अटल नगर द्वारा सर्व कलेक्टर छत्तीसगढ़ को पत्र जारी कर दिया गया है ।

 छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा  राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के क्रियान्वयन  हेतु जारी पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य में ग्रामीण आबादी का एक बड़ा हिस्सा कृषि मजदूरी पर निर्भर है । छत्तीसगढ़ राज्य में खरीफ सत्र में ही कृषि मजदूरी के लिए पर्याप्त अवसर रहता है । रवि सत्र में फसल क्षेत्राच्छादन कम होने के कारण कृषि मजदूरी के लिए अवसर भी कम हो जाता है । 

कृषि मजदूरी कार्य में संलग्न  ग्रामीणों में अधिकतर लघु सीमांत अथवा भूमिहीन कृषक हैं इनमें से भूमिहीन कृषि मजदूर को अन्य की अपेक्षा रोजगार के कम अवसर ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध होते हैं राज्य शासन द्वारा ऐसे वर्ग को संबल प्रदान करने की दृष्टि से राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 से प्रारंभ किया जा रहा है।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का उद्देश्य-

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का कार्यक्षेत्र प्रदेश के समस्त जिलों में होगा  जो कि वित्तीय वर्ष 2021-22 से लागू रहेगी । ग्रामीण क्षेत्र में भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की पहचान करना तथा भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को वार्षिक आधार पर आर्थिक अनुदान उपलब्ध कराना तथा उनके शुद्ध आय में वृद्धि करना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है।

 इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली आर्थिक सहायता-

 इस योजना के अंतर्गत अंतिम रूप से चिन्ह अंकित परिवार के मुखिया को ₹6000 प्रतिवर्ष एक या दो किश्तों में दी जाएगी ।  अनुदान सहायता की राशि चिन्हित सूचीबद्ध परिवार के मुखिया के बैंक अकाउंट में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण द्वारा की जाएगी।

हितग्राही परिवार की पात्रता-

 ♦ योजना अंतर्गत कट ऑफ डेट 1 अप्रैल 2021 होगा अर्थात दिनांक 1 अप्रैल 2021 की स्थिति में योजना अंतर्गत निर्धारित पात्रता होनी चाहिए।

 ♦  हितग्राही को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है।

 ♦ ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे सभी मूलनिवासी भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे जिस परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है पट्टे पर प्राप्त शासकीय भूमि तथा वन अधिकार प्रमाण पत्र को कृषि भूमि माना जाएगा।

 ♦ कृषि भूमि ही परिवारों की सूची में से परिवार के मुखिया के माता या पिता के नाम से अधिक सिंचित भूमि धारित है अर्थात उस परिवार को उत्तराधिकार है उसमें भूमि प्राप्त करने की स्थिति होगी तब वह परिवार भूमिहीन परिवार के सूची के पृथक हो जाएगा।

 ♦ आवासीय प्रयोजन हेतु धारी भूमि कृषि भूमि नहीं मानी जाएगी।


 ♦ यदि पंजीकृत हितग्राही परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाती है तो उस परिवार के द्वारा प्रदत अनुसार नवीन आवेदन योजना अंतर्गत प्रस्तुत किया जा सकता है।


 ♦ वहीं यदि पंजीकृत हितग्राही के परिवार के मुखिया के द्वारा असत्य जानकारी के आधार पर यदि अनुदान सहायता राशि प्राप्त किया जाता है तो बाद में भूराजस्व के बकाया राशि के रूप में  वसूली किया जाएगा।



  राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के लिए आवेदन कब और कैसे करें-


 इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के इच्छुक ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के मुखिया को निर्धारित समयावधि में राजीव गांधी ग्रामीण भूमि कृषि मजदूर नया योजना के पोर्टल rggbkmny.cg.nic.in पर  पंजीयन करना होगा।

 इच्छुक हितग्राही परिवार दिनांक 1 .09. 2021 से दिनांक 30 11. 2021 तक ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। वही हितग्राही को आवेदन के साथ आधार नंबर, बैंक पासबुक की छायाप्रति .मोबाइल नम्बर सहित ग्राम पंचायत के सचिव के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होगा। जिसकी पावती ग्राम पंचायत सचिव द्वारा दिया जायेगा |

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Tuesday, August 3, 2021

शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (CGITI) में प्रवेश हेतु ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित


         छत्तीसगढ़ शासन कौशल विकास विभाग के अधीन संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण के अंतर्गत संचालित समस्त शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं एवं विशेष (आदिवासी) औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में सत्र 2021-22 एवं 2021-23 में प्रवेश हेतु ऑनलाईन रजिस्टेªशन (आवेदन) आमंत्रित किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के विद्यमान नियमों एवं नीति के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रवेश के लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करने की अंतिम तिथि दिनांक 08 अगस्त 2021 तक निर्धारित है।




संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ नवा रायपुर अटल नगर से मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ स्थित आईटीआई में संचालित एनसीव्हीटी/एससीव्हीटी के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए इच्छुक छत्तीसगढ़ के मूल निवासी आवेदक, स्वयं अथवा छत्तीसगढ़ स्थित किसी भी लोक सेवा केन्द्र (च्वाइस सेंटर) के माध्यम से संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण की वेबसाईट cgiti.cgstate.gov.in के ’ऑनलाईन एप्लिकेशन 2021’ पर क्लिक कर अपना पंजीयन एवं प्रवेश हेतु व्यवसाय का चयन कर सकते हैं। आवेदकों के पंजीयन के लिए वेबसाईट पर यूजर मैन्यूबल दिया गया है, जिसका अवलोकन किया जा सकता है।
पंजीयन के पूर्व, प्रवेश विवरणिका जो कि cgiti.cgstate.gov.in पर उपलब्ध है, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन, कौशल विकास विभाग के अधीन संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण के अंतर्गत शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में संचालित विभिन्न व्यवसायों में सत्र 2021-22 एवं 2021-23 से प्रारंभ होने वाले सत्र में प्रवेश हेतु निर्धारित संस्थावार/व्यवसायवार सीटों एवं आवश्यक शैक्षणिक अर्हता एवं अन्य समस्त जानकारी दर्शित है।
आवेदक को ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) हेतु शुल्क - अनुसूचित जाति, जनजाति के आवेदक को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन शुल्क रूपये 40/- देना होगा। पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग के आवेदक को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन शुल्क रूपये 50/- देना होगा। वेबसाईट पर पंजीयन के दौरान रजिस्ट्रेशन शुल्क, लोक सेवा केन्द्र (च्वाइस संेटर) में नगद अथवा स्वयं ऑनलाईन पेमेन्ट द्वारा शुल्क का भुगतान किया जा सकता है। ऑनलाईन भुगतान हेतु निम्न सुविधाओं का उपयोग कर सकते है - इंटरनेट बैंकिग, एटीएम सह डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या अन्य किसी ऑनलाईन पेमेन्ट माध्यम से।
एक बार आवेदन रजिस्ट्रेशन होने के पश्चात् अपने आवेदन में मोबाईल नम्बर को छोड़कर आवेदन भरने की अंतिम तिथि तक सुधार कर सकते है। यदि आवेदक ने अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा किया है और सुधार के पश्चात् अनारक्षित (सामान्य) या अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) करना चाहता है तो उसे आवेदन शुल्क के अंतर की राशि भी जमा करनी होगी। व्यवसाय ड्रायवर कम मैकेनिक में प्रवेश के लिये आवेदक का न्यूनतम आयु एक अगस्त 2021 को 18 वर्ष एवं शेष व्यवसायों के लिये 14 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। उच्चतम आयु सीमा का बंधन नहीं है। प्रवेश हेतु स्थानों की संख्या परिवर्तनीय है।
चूंकि चयन संबंधी जानकारी एसएमएस के माध्यम से भेजी जाती है, अतः ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन के समय आवेदक अपना मोबाईल नंबर एवं ई-मेल आईडी की जानकारी अवश्य देवंे, ताकि प्रवेश हेतु चयन संबंधी जानकारी एस.एम.एस. के माध्यम से प्राप्त हो सके। आवेदक का चयन होने पर आवेदक को संबंधित संस्था में आवश्यक समस्त अभिलेखांे-प्रमाण पत्रों एवं निधारित शुल्क सहित स्वयं उपस्थित होकर प्रवेश लेना होगा।
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Monday, August 2, 2021

चिटफंड कंपनियों से धन वापसी हेतु 6 अगस्त तक लिए जाएंगे आवेदन

बलौदाबाजार, अगस्त 2021/ चिटफण्ड कम्पनियों में पैसा जमा करने वाले बलौदाबाजार अनुविभाग क्षेत्र के निवेशक अपनी जमा राशि की वापसी के लिए 6 अगस्त तक अनुविभागीय दण्डाधिकारी बलौदाबाजार कार्यालय में निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा करा सकते हैं। आवेदन पत्र का प्रारूप अनुविभागीय दण्डाधिकारी कार्यालय बलौदाबाजार में उपलब्ध है।
 अनुविभागीय दण्डाधिकारी श्री महेश राजपूत ने बताया कि हाल ही में कुछ ऐसे प्रकरण सामने आये है जिसमें वित्तीय संस्थान (जिसमें कंपनी फर्म शामिल है) जनता से झूठे वादे कर निक्षेप (धन राशिया अन्य मूल्यवान वस्तुए) संग्रह करती है और ऐसी वित्तीय संस्थानों के संचालन के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों द्वारा जमाकर्ताओं के निक्षेप वापस करने से पूर्व ही फरार हो जाते हैं,जिसके परिणामस्वरूप ऐसे व्यक्तियों से जानकारी एवं जमाकर्ताओं को उनके निक्षेप वापस नहीं हो पाते हैं। 
      राज्य सरकार द्वारा इस सिलसिले में छ.ग. के निक्षेपको के हितो का संरक्षण अधिनियम 2005 और छ.ग. के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण नियम 2015 लागू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य जनता को उनके निक्षेप वापस करने के लिए यथोचित युक्ति प्रदान करता है,जिससे कि जनता द्वारा किए गए निक्षेप का संरक्षण हो सके। छ.ग. के निक्षेपको के हितो का संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत जहाँ जिला मजिस्ट्रेट सह सक्षम प्राधिकारी संतुष्ट हो कि किसी वित्तीय स्थापना ने कपटपूर्ण तरीके से व्यतिकम किया है या ऐसी वित्तीय स्थापना द्वारा निक्षेपकों को धोखा देने के इरादे से सोंचे समझे तरीके से कार्य कर रही है और वह वित्तीय स्थापना निक्षेप राशि को वापस नहीं करेगी। उक्त परिस्थिति में प्रभावित व्यक्तियों से निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्राप्त कर जांच उपरांत गुणदोष के आधार पर समुचित कार्रवाई जैसे कि बैंक खाते, चल एवं अचल संपत्ति आदि की कुर्की की जा सकती है। 
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Sunday, August 1, 2021

समिति कर्मचारियों का हड़ताल समाप्त ..प्रदेश के समस्त समिति खाद -बीज-राशन आदि के लिए सोमवार २ अगस्त से सहकारी समिति होगा कृषको के लिए प्रारंभ !

रायपुर-०१ अगस्त -छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारियों का २४ जुलाई से चल रहा हड़ताल आज समाप्त हो गया हैI अब सोमवार २ अगस्त से समिति कृषको के समस्त ऋण -खाद -बीज आदि के लिए प्रारंभ हो जायेगा ! छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ ने शासन को 30 दिवस की समय देते हुए हड़ताल को अस्थाई रूप से स्थगित किया गया है ।


        ज्ञात हो की २४ जुलाई से समितियों में ताला लटक रहा है। ऐसे में खाद लेने के लिए समिति पहुंच रहे किसानों को भटकना पड़ रहा है। सोसायटी से खाद नहीं मिलने का फायदा व्यापारी उठा रहे हैं और अधिक कीमत पर खाद बेच रहे हैं। समितियों से खाद नहीं मिलने के कारण किसान मंहगे दाम पर खाद खरीदने के लिए मजबूर हो गये थे । अब हड़ताल की स्थगन से आंदोलनरत कर्मचारी 2 अगस्त2021 सोमवार को अपने अपने कार्य में उपस्थित होंगें।

प्रदेश महासचिव नरेंद्र साहू ने बताया की छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर द्वारा 24 जुलाई 2021 से 5 सूत्री मांगों को लेकर पूरे प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों में अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी था । महासंघ के आंदोलन के फल स्वरुप समस्याएं विधानसभा में प्रमुखता से गूंजा और छत्तीसगढ़ शासन ने सहकारिता विभाग एवं खाद्य विभाग की संयुक्त उप समिति गठित की है जिसमें महासंघ के प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे और अन्य 4 सूत्री मांगों को यथासंभव पहल करने की आश्वासन दिया गया है। 31 जुलाई को अपेक्स बैंक में नवनिर्वाचित बैंक अध्यक्षों का सम्मान समारोह हुआ था। जिसमे माननीय सहकारिता मंत्री श्री प्रेमसाय सिंह टेकाम जी, सहकारिता सचिव व पंजीयक श्री हिमशिखर गुप्ता जी ,अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री बैजनाथ चंद्राकर जी , अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक ,पूर्व मंत्री और वर्तमान ग्रामीण रायपुर विधायक सत्यनारायण शर्मा जी ,जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री पंकज शर्मा जी और अन्य सभी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्षों ने अपेक्स बैंक में समिति को नुकसान से बचाने के लिए हर संभव धान की सुखद व अतिरिक्त खर्चा समितियों को देने के लिए पहल और बैंक में खाली पड़े वर्षों से पदो पर भर्ती करने की चर्चा भी हुई । सभी नवनिर्वाचित बैंक के अध्यक्षों ने एक स्वर में माननीय सहकारिता मंत्री, पंजीयक के समक्ष रखा गया और कर्मचारियों के आंदोलन में चले जाने से किसानों को खाद एवं राशन नहीं मिलने की भी चर्चा भी हुई है। सहकारिता सचिव व पंजीयक महोदय ने महासंघ के प्रतिनिधि मंडल को चर्चा हेतु रविवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर में आमंत्रित किया था। 1/8/2021 को सहकारिता सचिव व पंजीयक हिम शिखर गुप्ता और पंकज शर्मा रायपुर बैंक के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अपेक्स बैंक के कर्मचारी अध्यक्ष चंद्रप्रकाश व्यास ,जिला सहकारी बैंक के कर्मचारीअध्यक्ष मोहन साहू , एसपी चंद्राकर अतिरिक्त सीईओ
रायपुर बैंक,आदि अधिकारियों के बीच में 5 सूत्री मांगों पर बिंदुवार सफल सकारात्मक चर्चा प्रदेश के उपस्थित प्रमुख पदाधिकारियों के बीच हुआ है माननीय सहकारिता सचिव गुप्ता जी ने समिति को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए समिति को दी जाने वाली कमीशन को बढ़ाने हेतु पहल करने का बात किया है और जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों पर ग्रेडर प्रबंधक की भर्ती पर सेवा नियम 2018 के अनुसार 50% समिति के कर्मचारियों से लिया जाएगा इसमें उम्र बंधन में शिथिलता देते हुए 45वर्ष के स्थान पर 55 वर्ष करने की भी जानकारी महासंघ को दिया गया है । महासंघ ने शासन को 30 दिवस की समय देते हुए हड़ताल को अस्थाई रूप से स्थगित किया गया है ।


मांगे पूर्ण न होने पर पुनः आन्दोलन की चेतावनी

    प्रदेश महासचिव नरेंद्र साहू ने जानकारी दी है की यदि छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर द्वारा यदि उक्त दिवस में उक्त सभी मांगों पर सकारात्मक पहल कर निर्णय नहीं लिया जाता है तो पुनः छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ आंदोलन करेगी और समिति के कार्य बाधित होगी उसके लिए शासन प्रशासन जिम्मेदार रहेगी । आंदोलन को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष सहयोग देने वाले समस्त समिति के संचालक गण, व अध्यक्ष गण, कर्मचारी गण, जिला पदाधिकारी, प्रदेश पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी गणों को महासंघ की ओर से बहुत-बहुत धन्यवाद आभार।
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Saturday, July 31, 2021

मछलीपालन के लिए भी कृषि जैसे ही मिलेगी सस्ती बिजली और बिना ब्याज के ऋण की सुविधा

अधिक से अधिक संख्या में मछुआ समुदाय के लोग भी उठाएं इन प्रावधानों का लाभ

मुख्यमंत्री श्री बघेल छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष और सदस्यों के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए

     रायपुर, 30 जुलाई 2021

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में मछलीपालन को कृषि का दर्जा दिया गया है। अब मछलीपालन के लिए भी कृषि जैसे ही सस्ती बिजली और बिना ब्याज के ऋण की सुविधा मिलेगी। इससे मछलीपालन करने वालों को लाभ होगा और जो अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण मछलीपालन नहीं कर पाते थे, वे भी मछलीपालन कर आय का साधन जुटा सकेंगे और आगे बढ़ेंगे। अधिक से अधिक संख्या में मछुआ समुदाय के लोग भी इन प्रावधानों का लाभ उठाने के लिए आगे आएं।

मुख्यमंत्री ने आज यहां विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष से छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष और सदस्यों के पदभार ग्रहण कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार प्रकट किए।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र ढीमर, सदस्य सर्वश्री दिनेश फूटान, देव कुंवर निषाद, आर.एन. आदित्य, प्रभु मल्लाह, विजय ढीमर और श्रीमती अमृता निषाद, ने पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर बोर्ड के अध्यक्ष श्री एम.आर. निषाद, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री शैलेश नितिन त्रिवेदी और पूर्व विधायक श्री दिलीप लहरिया भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष और सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक हर जिले में जहां नदी, तालाब, नाले हैं, वहां मछुआ समुदाय के लोग हैं। आदिकाल से ही मछुआ समुदाय के लोग मछलीपालन और बाड़ियों में सब्जी पैदा कर भरण-पोषण करते आए हैं। मछलीपालन के लिए तालाब और बांध समिति बनाकर दिए जाते हैं। कई बार मछुआ समुदाय के लोगों से जानकारी मिलती है कि मछलीपालन का काम उनके समाज के लोगों को नहीं मिल पाया है। या कई बार जब काम मिल भी जाता है तो समुदाय के लोग अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण मछलीपालन नहीं कर पाते हैं और मजबूरन उन्हें बड़े व्यापारियों की शरण में जाना पड़ता है। मछुआ समुदाय के लोगों को ऐसे में मात्र मजदूरी ही मिल पाती है। अब मछलीपालन के लिए कृषि के जैसे सहायता मिलने से मछुआ समाज के लोग भी मछलीपालन का काम आसानी से कर सकेंगे और उन्हें भी इस व्यवसाय का भरपूर लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मछलीपालन की अच्छी संभावनाएं हैं। यहां नदियों, तालाबों और नालों की कमी नहीं है। यहां बारिश भी अच्छी होती है, इन अनुकूल परिस्थितियों के साथ-साथ अब राज्य शासन द्वारा मछलीपालन के लिए दी जा रही सहायता का लाभ उठाने के लिए मछुआ समुदाय के अधिक से अधिक लोग आगे आएं।

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Friday, July 30, 2021

बलौदाबाजार : शिक्षकों की संविदा भर्ती के लिए 3 अगस्त से साक्षात्कार

अंतिम पात्रता सूची प्रकाशित


बलौदाबाजार, 30 जुलाई 2021


स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना के अंतर्गत जिले में  शिक्षकों की संविदा भरती के लिए अंतिम पात्रता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। साक्षात्कार 3 अगस्त से शुरू किया जा रहा है। अंतिम सूची का अवलोकन जिले की सरकारी वेबसाईट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट बलोदाबाजार डॉट जीओव्ही डॉट इन पर किया जा सकता है। गौरतलब है कि जिले की पांच विकासखण्डो- बिलाईगढ़, कसडोल, पलारी, भाटापारा एवं सिमगा में प्रस्तावित अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लिए शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है। जिला मुख्यालय में पिछले वर्ष से ही संविदा शिक्षकों की भरती के बाद पढ़ाई शुरू हो चुकी है। अंतिम पात्रता सूची में शामिल आवेदकों का साक्षात्कार 3 अगस्त से यहां जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में शुरू होगा।

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रायपुर : शासकीय और निजी स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं की कक्षाएं 2 अगस्त से संचालित होंगी

रायपुर : शासकीय और निजी स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं की कक्षाएं 2 अगस्त से संचालित होंगी




छठवीं, सातवीं, नौंवीं और ग्यारहवीं की कक्षाएं संचालित नहीं होंगी

 रायपुर, 30 जुलाई 2021

राज्य शासन के आदेशानुसार स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी शासकीय और निजी स्कूलों में 10वीं और 12वीं की कक्षाएं सोमवार 2 अगस्त से संचालित होना प्रारंभ हो जाएगा। इसी प्रकार कक्षा 6वीं, 7वीं, 9वीं और 11वीं को छोड़कर शेष सभी कक्षाएं अर्थात् कक्षा पहली से लेकर 5वीं और 8वीं की कक्षाएं भी 2 अगस्त से संचालित होंगी। यह सभी कक्षाएं उन जिलों में प्रारंभ की जा रही है, जहां कोरोना पॉजिटिविटी दर पिछले 7 दिनों में एक प्रतिशत तक हो।
    राज्य शासन के निर्णय अनुसार सभी प्रायमरी स्कूलों में कक्षा पहली से लेकर 5वीं तक तथा मीडिल स्कूल में कक्षा 8वीं के संचालन के पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संबंधित ग्राम पंचायत और स्कूल की पालन समिति की अनुशंसा आवश्यक होगी। शहरी क्षेत्रों के लिए संबंधित वार्ड पार्षद और स्कूल की पालन समितियों की अनुशंसा जरूरी है। हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में 10वीं और 12वीं की कक्षाएं संचालित करने के लिए ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय के प्रतिनिधियों सहित पालन समिति की अनुशंसा की आवश्यकता नहीं होगी।
    स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बताया कि राज्य शासन के निर्णय अनुसार वर्तमान में 6वीं, 7वीं, 9वीं और 11वीं की ऑफलाईन कक्षाएं प्रारंभ नहीं की जा रही हैं। भविष्य में इन कक्षाओं को संचालित करने का निर्णय राज्य शासन द्वारा जिलों में कोरोना पॉजिटिविटी दर में निरंतर संभावित गिरावट और उसके प्रसार के सम्यक आंकलन पश्चात् यथा समय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में इन ऑफलाईन (प्रत्यक्ष रूप से संचालित) कक्षाओं के अलावा सभी स्तर की ऑनलाईन कक्षाएं पूर्व की भांति संचालित होती रहेंगी।


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हायर सेकण्डरी पूरक तथा अवसर परीक्षा के लिए आवेदन 2 से 20 अगस्त तक

रायपुर, 30 जुलाई 2021

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकण्डरी पूरक तथा अवसर परीक्षा 2021 के लिए 2 अगस्त 2021 से आवेदन पत्र भरे जा सकेंगे। आवेदन पत्र भरने की अवधि सामान्य शुल्क के साथ 2 अगस्त से 20 अगस्त 2021 तक निर्धारित की गई है। विलम्ब शुल्क के साथ 21 अगस्त से 28 अगस्त 2021 तक हायर सेकण्डरी पूरक तथा अवसर परीक्षा 2021 के आवेदन पत्र भरे जा सकते हैं। हायर सेकण्डरी पूरक तथा अवसर परीक्षा सितम्बर माह के द्वितीय सप्ताह से प्रारंभ होगी, जो छात्र हायर सेकण्डरी पूरक तथा अवसर परीक्षा 2021 में सम्मिलित होना चाहते है, वे अपनी शाला के माध्यम से आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।
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बलौदाबाजार : लगभग 16 महीने बाद 2 अगस्त से खुलेंगी स्कूल


स्कूल खोलने के संबंध में कलेक्टर ने जारी किये विस्तृत दिशा-निर्देश

बलौदाबाजार


राज्य शासन ने आगामी 2 अगस्त से फिर से स्कूल शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। बच्चों की चहल-पहल से एक लंबे अंतराल के बाद फिर से स्कूलों में रौनक लौटेगी। कलेक्टर श्री सुनील कुमार जैन ने राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जिला शिक्षा अधिकारी को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए स्कूल खुलवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

      राज्य शासन द्वारा इस संबंध में जारी विस्तृत दिशा-निर्देश अनुसार स्कूलें तभी खोली जाएंगी जब जिले में कोरोना पॉजिटिव रेट सात दिनों तक लगातार एक प्रतिशत से कम होगा। हाई तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों में केवल 10 वीं तथा 12 वीं की कक्षाएं प्रारंभ की जावेगी। कक्षा 1ली से 8 वीं तक की कक्षाएं तभी खोली जाएंगी जब शाला पालक समिति लिखित में सहमति देंगी। यह सहमति ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत के द्वारा तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड के पार्षद द्वारा भी लिखित में देनी होगी । यह प्रक्रिया 2 अगस्त के पूर्व पूरी करने के निर्देश कलेक्टर ने दिये हैं।

      कलेक्टर ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु यह भी आवश्यक होगा कि स्कूल को सेनेटाइजड कर स्वच्छ रखा जाए। कक्षा की कुल दर्ज संख्या के 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को एक दिन के अंतराल में स्कूल बुलाया जावेगा। बच्चों का बुखार चेक करने,सर्दी खांसी का ध्यान रखने की व्यवस्था शाला में करनी होगी। शाला में उन्ही छात्रों और शिक्षकों को आने की अनुमति दी जावेगी जिन्हें सर्दी खांसी बुखार न हो। शाला में रहते हुए सभी को आपस मे पर्याप्त दूरी बना कर रखना होगा। कक्षा में प्रवेश से पूर्व सभी को हाथ धोना अथवा हाथों को सेनेटाइज करना होगा। शाला में मास्क का उपयोग पूरे समय करना होगा।

       शासन ने यह भी निर्देश जारी किया है कि 2 अगस्त का दिन शाला में उत्सव की तरह मनाया जाये और छात्रों का स्कूल में स्वागत किया जाय। छात्रों को शाला यूनिफार्म और पाठ्य पुस्तके भी प्रदान की जायेगी।  इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और पालकों को भी बच्चों के स्वागत के लिए आमंत्रित किया जाये। स्थानीय प्रेस और मीडिया के प्रतिनिधियों को भी शुरुआती दिनों में आमंत्रित किया जाये । कलेक्टर ने शाला खुलने के दिन वरिष्ठ अधिकारियों को शाला का निरीक्षण करने को कहा है। इस प्रकार पूरी व्यवस्था के साथ इस सत्र में शाला का शुभारंभ किया जाये।

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Thursday, July 29, 2021

कैसे करे तैयारी गणेशोत्सव की ? कलेक्टर ने गणेशोत्सव संबंधित जारी की विस्तृत दिशा निर्देश......!!

बलौदाबाजार:-29 जुलाई 2021
 कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने आज गणेशोत्सव संबंधित विस्तृत दिशा निर्देश जारी की है। नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए तथा आगामी माह में जिले में कोरोना पाॅजिटिव प्रकरणों की संख्या में वृद्धि की संभावना है। जिसे रोकने एवं नियंत्रण में रखने हेतु सभी संबंधित उपाय अमल लाया जाना उचित एवं आवश्यक हो गया है। जिसे दृष्टिगत रखते हुए गणेशोत्सव के संबंध में निम्नानुसार निर्देश प्रसारित किये गए है। 

1.मूर्ति की ऊंचाई एवं चैड़ाई 4×4 फिट से अधिक न हो। 

2.मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15×15 फिट से अधिक न हो। 

3.पंडाल के सामने कम से कम 5 हजार वर्ग फिट की खुली जगह हो। 

4.पंडाल व सामने 5 हजार वर्गफिट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। 

5.मंडप/पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल न हो,दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगाये जायेगें। 

6.किसी भी एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक न हो। 

7.मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम पता मोबाईल नंबर दर्ज किया जायेगा ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। 

8.मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति 4 सीसीटीवी लगायेगा,ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोराना संक्रमित होने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। 

9.मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जायेगा,ऐसा पाये जाने पर संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किया जायेगा। 

10.मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सैनेटाईजर, थर्मल स्क्रिनिंग,आक्सीमीटर, हेंडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। 

11.थर्मल स्क्रिनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी। 

12.व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग,आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस बल्ली से बेरिकेटिंग कराकर कराया जायेगा। 

13.यदि कोई व्यक्ति जो मूर्ति स्थापना स्थल पर जाने के कारण संक्रमित हो जाता है,तो ईलाज का संपूर्ण खर्च मूर्ति स्थापना करने वाला व्यक्ति अथवा समिति द्वारा किया जायेगा। 

14.कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थाना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। 

15.मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथावा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज, भंडारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी।

16.मूर्ति स्थापना के समय, स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथावा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र,ध्वनि विस्तारक यंत्र डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। 

17.मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी।मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नही होगी। 

18.मूर्ति विसर्जन के लिए पिकअप, टाटाएस (छोटा हाथी) से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा। 

19.मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए 4 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेंगे एवं वे मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे। 

20.पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन को पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति नहीं होगी। 

21.विसर्जन के लिए नगरपालिका परिषद्/नगर पंचायत एवं संबंधित तहसील कार्यालय द्वारा निर्धारित रूट मार्ग, तिथि एवं समय का पालन करना होगा। 

22.शहर के व्यस्त मार्गों से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। 

23.विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। 

24.सूर्यास्त के पश्चात एवं सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी।

       उपरोक्त शर्तो के साथ घरों में मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी, यदि घर से बाहर मूर्ति स्थापिता किया जाता है, तो कम से कम 7 दिवस पूर्व नगरपालिका/नगर पंचायत एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित तहसील कार्यालय से निर्धारित शपथ पत्र मय आवेदन देना होगा एवं अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी। इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग तथा जिला प्रशासन, बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश आदेश का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा। यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्देश का उल्लंघन करने पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकुल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जायेगी।
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Saturday, May 29, 2021

यास ने थामा था नौतपा का ताप, अब संभल जाएं आप ! नौतपा में सूर्य की किरणें बरपा रही कहर, गर्मी के मारे सड़कें हुई सूनसान




नौतपा में सूर्य की किरणों का कहर जारी है। सुबह से ही सूरज की किरणें प्रचंड रूख अख्तियार कर लेती है। दोपहर तक शहर की सड़कें सुनसान हो जाती है। प्रचंड़ गर्मी की वजह से लोगों का ही नहीं, अपितु जीव जंतुओं का भी हाल बेहाल है। पशु-पक्षियों को पानी न मिलने से ज्यादा परेशानी देखी जा सकती है। लेकिन यास चक्रवात ने कुछ असर कम किया था अब यास चक्रवात का असर ढीला पड़ने के बाद मौसम खुल चूका है, जिले में चक्रवात का कुछ खास असर देखने को नहीं मिला , लेकिन अब पारा चढ़ सकता है।
नौतपा 25 मई से 3 जून तक रहेगा। इस दौरान ज्येष्ठ महीने के शुरुआती दिन रहेंगे।

यास चक्रवात का असर ढीला पड़ते ही सूर्य के तेवर अचानक तेज हो गए। हालांकि तपने से पहले ही शुक्रवार को आसमान में बादल घिर आए। इसके कारण गर्मी का उतना असर नहीं हुआ। उमस ने लोगों हलकान किया। वहीं यास का असर भी अब समाप्ति की ओर है, जिससे पारा चढ़ने के आसार हैं और ऐसे में गर्मी बढ़ने पर सावधानी जरूरी रहेगी।

मौसम विज्ञान केंद्र बहतराई के विज्ञानी डा.एके दास के मुताबिक एक उत्तर-पश्चिम द्रोणिका राजस्थान से उत्तर-पूर्वी राजस्थान होते हुए उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर समुद्र तल से 0.9 किमी उंचाई पर है। बिहार और उससे सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर सुनिश्चित निम्न दबाव का क्षेत्र अब पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के पूर्वी हिस्सों पर स्थित है और इसके साथ चक्रीय चक्रवाती घेरा 7.6 किमी तक विस्तारित है।

अगले 12 घंटों के दौरान सिस्टम के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है। प्रदेश के सरगुजा संभाग और उससे लगे जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश के उत्तरी और दक्षिणी भाग में गरज चमक के साथ अंधड़ चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। फिलहाल भाटापारा में मौसम शुष्क है।

तापमान में 4-6 डिग्री की वृद्धि

भाटापारा में 24 घंटे के भीतर तापमान में 4-6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। एक दिन पहले पारा 36.0 डिग्री था। दरअसल इसका प्रमुख कारण यास चक्रवात का असर कमजोर पड़ने के बाद आसमान साफ होना है। तापमान में वृद्धि तो हुई लेकिन आसमान में दोपहर बाद फिर से बादल छा गए। इसके कारण सूर्य की तपिश से राहत मिली।
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Wednesday, May 26, 2021

जिले में बढ़े चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले चिंता का विषय।






थाना भाटापारा शहर-विभिन्न सोशल मिडिया पर महिला एवं बच्चो से संबंधित किये जा रहे अपराधो की जांच भारत सरकार के विभिन्न शाखा के माध्यम से चाइल्ड पोर्नो ग्राफी को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर पर अपनी नजर बनाए हुई है साथ ही यदि कोई व्यक्ति इंटरनेट पर चाइल्ड पॉर्नोग्राफी सर्च करता है या उससे किसी जुड़ी हुई सामग्री को आदान प्रदान करता है वायरल करता है तो उसके खिलाफ माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार सख्त से सख्त कार्यवाही करना है। सरकार द्वारा सोशल मिडिया में किसी महिला या बच्चों पर पोर्नोग्रापी को मोबाईल में अपलोड, डाउनलोड व शेयर करने पर रोक लगाया गया है उसके उपरांत भी कुछ व्यक्तियों के द्वारा उक्त प्रकार की हरकत कर अन्य व्यक्तियों के मोबाईल में शेयर किया जा रहा है।


पहला मामला 
    चाइल्ड पॉर्नोग्राफी का मामला भाटापारा में सामने आने पर तीन दिन पहले 01 आरोपी को थाना भाटापारा शहर पुलिस ने गिरफ्तार किया था आज फिर चाईल्ड पोर्नोग्रापी के मामले में आरोपी अमरदास लहरे के मोबाईल को कब्जे में लेकर चेक करने पर आरोपी अमरदास लहरे के द्वारा अपने मोबाईल फोन में नाबालिक बच्चे का अश्लील विडियो को वर्ष 2020 में इस्टाग्राम से दूसरे मोबाईल पर अन्य लोग को भेजना पाया गया है जिसे सरकार के द्वारा रोक लगाया गया है। आरोपी के कब्जा से उक्त कृत्य में उपयोग किया गया एक नग मोबाईल को सीम नंबर सहित जप्त किया गया तथा धारा 67 बी IT एक्ट के तहत अपराध सबूत पाए जाने से दिनांक 24/05/2021 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया है ।
    

पुलिस अधीक्षक महोदय श्री आई के एलेसेला ने जिला के सभी थाना प्रभारी को महिला एवं बच्चो के प्रति अपराधिक घटना पर त्वरित कार्यवाही के लिये निर्देशित किया गया है । वरिष्ठ अधिकारीयों के निर्देश पर थाना भाटापारा शहर के अपराध क्रमांक 178/2021 धारा 67बी IT एक्ट के आरोपी अमर दास लहरे पिता गंगूराम लहरे उम्र 40 साल पता संत रविदास वार्ड भाटापारा को दिनांक 24/05/2021 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया है। 


दूसरा मामला
         थाना सिटी कोतवाली बलौदाबाज़ार पुलिस द्वारा  03 लोगो को किया अलग अलग मामले में किया गिरफ्तार



इन्स्टाग्राम एप के माध्यम से बच्चों के अश्लील विडियो वायरल करना पड़ा भारी। चाइल्ड पोर्नोग्राफी सर्च करना या उससे जुड़े सामग्री को किसी को भेजना प्रतिबंधित किया गया है।


चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखने यह सर्च करने वाले के खिलाफ होगी सख्त से सख्त कार्रवाई।


वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के मामलों में 03 लोगों के खिलाफ कार्यवाही किया गया है जिनके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया है। बलौदाबाजार के अपराध क्र 276,277,278/2021 धारा 67बी आई टी एक्ट के आरोपीयों को रिमाण्ड पेश किया गया।


नाम आरोपीगण – 01. युगल किशोर यादव निवासी सिविल लाईन बलौदाबाजार
02. संजीव यादव निवासी बलौदाबाजार
03. सुभम सोनी निवासी पुरानी बस्ती बलौदाबाजार


इसी तारतम्य में वर्ष 2020 में 01. युगल किशोर यादव 02. संजीव यादव 03. सुभम सोनी के द्वारा चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के अश्लील वीडियो को डाउनलोड कर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर वायरल किया गया था। जिस पर उक्त आरोपियों से पूछताछ कर मोबाइल फोन को चेक किया गया जो इंस्टाग्राम पर बच्चों से संबंधित अश्लील वीडियो को डाउनलोड करना और वायरल करना पाया गया। तीनों आरोपियों से उपयोग किए गए मोबाइल और सिम जप्त किया गया तीनों आरोपियों के खिलाफ पृथक पृथक से धारा 67th आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तीनों आरोपियों को जुडिशल रिमांड पर जेल भेज दिया गया है ।
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Monday, May 24, 2021

किसानों को पुरानी दरों पर ही खाद मिलेगी ! DAP फर्टिलाइजर पर सब्सिडी 140%

केंद्र सरकार बुधवार शाम को किसानों के लिए एक अच्छी खबर लेकर आई। सरकार ने DAP फर्टिलाइजर पर सब्सिडी 140% बढ़ा दी है। यानि अब किसानों को प्रति बोरी 500 रुपए की जगह 1200 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इससे किसानों को 2,400 रुपए प्रति बोरी की जगह 1200 रुपए कीमत चुकानी होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई हाईलेवल मीटिंग में यह फैसला लिया गया। PM ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में वृद्धि के बावजूद किसानों को पुरानी दरों पर ही खाद मिलेगी। केंद्र सरकार इसके लिए सब्सिडी पर 14,775 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करेगी। इससे पहले प्रति बोरी सब्सिडी की राशि कभी भी एक बार में इतनी ज्यादा नहीं बढ़ाई गई है।

मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फॉस्फोरिक एसिड, अमोनिया आदि की बढ़ती कीमतों के कारण खाद की कीमतों में वृद्धि हो रही है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद किसानों को पुरानी दरों पर ही खाद मुहैया कराने का निर्णय लिया है।

राहुल गांधी ने कीमतों में वृद्धि को लेकर किया था ट्वीट
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज सुबह ही भास्कर की एक खबर के साथ DAP की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला किया था। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि
केंद्र सरकार ने क्या बढ़ाया? : GST व पेट्रोल डीजल खाद के दाम, मोदी मित्रों की आय, अन्नदाता पर महामारी में भी अत्याचार।
केंद्र सरकार ने घटाया क्या? : कृषि सब्सिडी, किसान की आय और केंद्र सरकार की गरिमा।

पहले 1700 रुपए की कीमत पर 500 रुपए सब्सिडी थी
पिछले साल DAP की वास्तविक कीमत 1,700 रुपए प्रति बोरी थी। जिसमें केंद्र सरकार 500 रुपए प्रति बैग की सब्सिडी दे रही थी। इसलिए कंपनियां किसानों को 1200 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से खाद बेच रही थीं। हाल ही में DAP में इस्तेमाल होने वाले फॉस्फोरिक एसिड, अमोनिया आदि की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 60% से 70% तक बढ़ गई हैं।

इसी कारण एक DAP बैग की वास्तविक कीमत अब 2400 रुपए है, जिसे खाद कंपनियों द्वारा 500 रुपए की सब्सिडी घटा कर 1900 रुपए में बेचा जाता है। आज के फैसले से किसानों को 1200 रुपये में ही DAP का बैग मिलता रहेगा।

अक्षय तृतीया के बाद किसानों को दूसरी बड़ी सौगात
अक्षय तृतीया के दिन PM-KISAN योजना के तहत किसानों के खाते में 20,667 करोड़ रुपए की राशि सीधे ट्रांसफर करने के बाद, किसानों के हित में यह दूसरा बड़ा फैसला है। केंद्र सरकार हर साल रासायनिक खादों की सब्सिडी पर करीब 80,000 करोड़ रुपए खर्च करती है। DAP में सब्सिडी बढ़ाने के साथ ही खरीफ सीजन में भारत सरकार 14,775 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी।
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धान की खेती की जगह दुसरे फसलों की खेती करने पर किसानों को 10,000 रूपये की प्रोत्साहन

        इस वर्ष खरीफ फसलों की तैयारी का सीजन शुरू हो चुका है | खरीफ मौसम में धान, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, तिल, कपास, मूंगफली, कोदो-कुटकी इत्यादी फसलों की खेती की जाती है | मिट्टी तथा जलवायु के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग फसलों की खेती की जाती है | छत्तीसगढ़ राज्य में धान की खेती खरीफ मौसम में प्रमुखता से होती है परन्तु इस वर्ष राज्य सरकार ने इस खरीफ मौसम से धान की बुवाई को कम करने के लिए अन्य फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है | राज्य सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार राज्य सरकार इस खरीफ मौसम से धान की खेती की जगह दुसरे फसलों की खेती करने पर किसानों को 10,000 रूपये की इनपुट सब्सिडी देगी हालांकि धान की खेती करने वाले किसानों को भी 9 हजार रुपये की इनपुट सब्सिडी दी जा रही है |



राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय पर बैठक में निर्णय लिया गया है | इससे पहले राज्य सरकार ने खरीफ सीजन 2020–21 में धान तथा 2021–22 से धान के साथ ही खरीफ की सभी प्रमुख फसलों पर प्रति वर्ष प्रति एकड़ 9,000 रूपये की इनपुट सब्सिडी देने का फैसला लिया है |

इन फसलों की खेती पर 10,000 रुपये की इनपुट सब्सिडी

छत्तीसगढ़ सरकार ने धान की खेती तथा उत्पादन घटाने के लिए धान की जगह दूसरी फसलों की खेती को प्रोत्साहन देने का फैसला लिया है | वर्ष 2020–21 में जिन किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा है, यदि वह धान के बदले कोदो – कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान, अन्य फोर्टीफाइड धान की फसल लेते हैं अथवा वृक्षारोपण करते हैं तो उन्हें प्रति एकड़ 9 हजार रूपये के स्थान पर 10,000 रूपये की इनपुट सब्सिडी दी जाएगी | राज्य में धान की खेती के स्थान पर वृक्षा रोपण करने वाले किसानों को 3 वर्षों तक 10,000 रूपये की इनपुट सब्सिडी दी जाएगी |


कोदो-कुटकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य की तय

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के किसानों के लिए कोदो की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय कर दिया है | राज्य में किसान कोदो-कुटकी की फसल को 3,000 रूपये प्रति क्विंटल की दर से बेच सकते हैं | इसका मतलब यह हुआ की राज्य में कोदो की फसल को राज्य सरकार के द्वारा खरीदी जाएगी |

केंद्र सरकार के द्वारा 23 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाता है , लेकिन इसमें कोदो की फसल शामिल नहीं रहने के करण छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को राज्य के किसानों के लिए कोदो की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य 3 हजार रूपये प्रति क्विंटल तय किया है |


6 रूपये प्रति किलोग्राम मिलेगी कम्पोस्ट खाद

राजीव गाँधी न्याय योजना के तहत राज्य में 2 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से गोबर की खरीदी की जाती है | इस गोबर से जैविक खाद (कम्पोस्ट खाद) बनाया जाता है | इस खाद को किसानों को सस्ते रेट पर बेचा जाता है | राज्य सरकार ने राज्य में कम्पोस्ट खाद का मूल्य तय कर दिया है | अब कोई भी किसान 6 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद सकता है |

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Saturday, May 22, 2021

22 लाख किसानों के बैंक खातों में खरीफ सीजन 2020–21 की पहली किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की कृषि आदान सहायता

किसान न्याय योजना की पहली किश्त

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के किसानों को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर बड़ी सौगात दी है | पूर्व प्रधानमंत्री के नाम से चलाई जा रही योजना राजीव गाँधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य के 22 लाख किसानों के बैंक खातों में खरीफ सीजन 2020–21 की पहली किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की कृषि आदान सहायता राशि (इनपुट सब्सिडी) का अंतरण सीधे उनके बैंक खातों में किया गया |


राजीव गाँधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य के किसानों को 4 किश्तों में पैसा दिया जाता है | इस वित्त वर्ष की यह पहली किश्त है | इसके बाद किसानों को 3 किश्त और दिया जाना है, इस योजना के तहत दी जाने वाली इनपुट सब्सिडी में 14 फसलों को शामिल किया गया है |

14 फसलों की खेती पर दी जाती है सहायता राशि (Input Subsidy)

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना की शुरुआत धान तथा मक्के की फसल से की गई थी | बाद में इसका विस्तार करते हुए राज्य में उत्पादित होने वाली और फसलों को शामिल किया गया है | मौजूदा समय में योजना के अंतर्गत 14 फसलों को शामिल है | राजीव गाँधी किसान न्याय योजना के तहत धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, राम तिल, कुल्थी, कोदो, कुटकी, मूंग, उड़द, अरहर, रागी तथा गन्ना को शामिल किया गया है |

योजना के अंतर्गत कितने किसानों को लाभ मिला है ?

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य के 18.38 लाख किसानों को योजना का लाभ मिला है | इन किसानों में सीमांत, लघु तथा बड़े किसान शामिल है | योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने वाले किसानों की संख्या भूमि के आधार पर इस प्रकार है |

  • सीमांत किसान – 9 लाख 55 हजार 531 किसान
  • लघु किसान – 5 लाख 61 हजार 523 किसान
  • बड़े किसान – 3 लाख 21 हजार 538 किसान.  

अभी तक किसानों को 4 किश्तों में दी गई कुल राशि

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य सरकार ने राज्य के 19 लाख किसानों को 4 किश्तों में 5628 करोड़ रुपये दिए हैं | यह राशि 4 किश्तों में किसानों के खातों में दी गई है  |

  • पहली किश्त :- पहली किश्त राज्य के 18 लाख 34 हजार 834 किसानों को 21 मई 2020 के दिन 1500 करोड़ रूपये दिये गये |
  • दूसरी किश्त :- दूसरी किश्त राज्य के 19 लाख किसानों के खातों में 20 अगस्त 2020 के दिन 1500 करोड़ रूपये दिये गये |
  • तीसरी किश्त :- तीसरी किश्त राज्य के 18 लाख 38 हजार किसानों के खातों में नवंबर 2020 को 1500 करोड़ रूपये दिये गये |
  • चौथी किश्त :- चौथी किश्त राज्य के 18 लाख 53 हजार किसानों के खातों में 21 मार्च 2021 को 1104.27 करोड़ रूपये दिये गये |

गन्ना किसानों के खातों में भी दिए गए 74.24 करोड़ रूपये

वर्ष 2020 से राजीव गाँधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत शामिल किया गया था | इस योजना के तहत राज्य के किसानों से 355 रूपये प्रति क्विंटल की दर पर गन्ना ख़रीदा गया | इसमें गन्ने की मात्रा के आधार पर एफआरपी राशि 261 रूपये प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन व सहायता राशि 93.75 रूपये प्रति क्विंटल अर्थात अधिकतम 355 रूपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया गया है |  अभी तक राज्य के 34292 किसानों को गन्ना के प्रोत्साहन राशि 74 करोड़ 24 लाख रूपये की भुगतान किया गया है |

बीज उत्पादक किसानों को दिए गए 23.62 करोड़ रूपये

राज्य में बीज को प्रोत्साहन देने तथा बीज के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के उद्देश्य से राज्य में बीज उत्पादक किसानों को राजीव गाँधी किसान न्याय योजना से जोड़ा गया है | इस योजना के तहत राज्य के 4,777 किसानों को 23 करोड़ 62 लाख रूपये का भुगतान किया गया है |

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Friday, May 21, 2021

लोकप्रिय नेता राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष


            कुछ लोग ज़मीन पर राज करते हैं और कु्छ लोग दिलों पर। मरहूम राजीव गांधी एक ऐसी शख़्सियत थे, जिन्होंने ज़मीन पर ही नहीं, बल्कि दिलों पर भी हुकूमत की। वे भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन हमारे दिलों में आज भी ज़िंदा हैं। राजीव गांधी ने उन्नीसवीं सदी में इक्कीसवीं सदी के भारत का सपना देखा था।

          
 स्वभाव से गंभीर लेकिन आधुनिक सोच और निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता वाले राजीव गांधी देश को दुनिया की उच्च तकनीकों से पूर्ण करना चाहते थे। वे बार-बार कहते थे कि भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने के साथ ही उनका अन्य बड़ा मक़सद इक्कीसवीं सदी के भारत का निर्माण है। अपने इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने देश में कई क्षेत्रों में नई पहल की, जिनमें संचार क्रांति और कम्प्यूटर क्रांति, शिक्षा का प्रसार, 18 साल के युवाओं को मताधिकार, पंचायती राज आदि शामिल हैं।


            वे देश की कम्प्यूटर क्रांति के जनक के रूप में भी जाने जाते हैं। वे युवाओं के लोकप्रिय नेता थे। उनका भाषण सुनने के लिए लोग घंटों इंतज़ार किया करते थे। उन्होंने अपने प्रधानमंत्री काल में कई ऐसे महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए जिसका असर देश के विकास में देखने को मिल रहा है। आज हर हाथ में दिखने वाला मोबाइल उन्हीं फ़ैसलों का नतीजा है।

              40 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बनने वाले राजीव गांधी देश के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे और दुनिया के उन युवा राजनेताओं में से एक हैं, जिन्होंने सरकार की अगुवाई की है। उनकी मां श्रीमती इंदिरा गांधी 1966 में जब पहली बार प्रधानमंत्री बनी थीं, तब वह उनसे उम्र में 8 साल बड़ी थीं। उनके नाना पंडित जवाहरलाल नेहरू 58 साल के थे, जब उन्होंने आज़ाद भारत के पहले प्रधानमंत्री के तौर शपथ ली।

                देश में पीढ़ीगत बदलाव के अग्रदूत राजीव गांधी को देश के इतिहास में सबसे बड़ा जनादेश हासिल हुआ था। अपनी मां के क़त्ल के बाद 31 अक्टूबर 1984 को वे कांग्रेस अध्यक्ष और देश के प्रधानमंत्री बने थे। अपनी मां की मौत के सदमे से उबरने के बाद उन्होंने लोकसभा के लिए चुनाव कराने का आदेश दिया। दुखी होने के बावजूद उन्होंने अपनी हर ज़िम्मेदारी को बख़ूबी निभाया।

                   महीनेभर की लंबी चुनावी मुहिम के दौरान उन्होंने पृथ्वी की परिधि के डेढ़ गुना के बराबर दूरी की यात्रा करते हुए देश के तक़रीबन सभी हिस्सों में जाकर 250 से ज़्यादा जनसभाएं कीं और लाखों लोगों से वे रूबरू हुए। उस चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिला और पार्टी ने रिकॉर्ड 401 सीटें हासिल कीं।


                   सत्तर करोड़ भारतीयों के नेता के तौर पर इस तरह की शानदार शुरुआत किसी भी हालत में क़ाबिले-तारीफ़ मानी जाती है। यह इसलिए भी बेहद ख़ास है, क्योंकि वे उस सियासी ख़ानदान से ताल्लुक़ रखते थे, जिसकी चार पीढ़ियों ने जंगे-आज़ादी के दौरान और इसके बाद हिन्दुस्तान की ख़िदमत की थी। इसके बावजूद राजीव गांधी सियासत में नहीं आना चाहते थे इसीलिए वे सियासत में देर से आए।


                राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त, 1944 को मुंबई में हुआ था। वे सिर्फ़ तीन साल के थे, जब देश आज़ाद हुआ और उनके नाना आज़ाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। उनके माता-पिता लखनऊ से नई दिल्ली आकर बस गए। उनके पिता फ़िरोज़ गांधी सांसद बने, जिन्होंने एक निडर तथा मेहनती सांसद के रूप में ख्याति अर्जित की।

                 राजीव गांधी ने अपना बचपन अपने नाना के साथ तीन मूर्ति हाउस में बिताया, जहां इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री की परिचारिका के रूप में काम किया। वे कुछ वक़्त के लिए देहरादून के वेल्हम स्कूल गए, लेकिन जल्द ही उन्हें हिमालय की तलहटी में स्थित आवासीय दून स्कूल में भेज दिया गया। वहां उनके कई दोस्त बने, जिनके साथ उनकी ताउम्र दोस्ती बनी रही। बाद में उनके छोटे भाई संजय गांधी को भी इसी स्कूल में भेजा गया, जहां दोनों साथ रहे। स्कूल से निकलने के बाद राजीव गांधी कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज गए, लेकिन जल्द ही वे वहां से हटकर लंदन के इम्पीरियल कॉलेज चले गए। उन्होंने वहां से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।

                उनके सहपाठियों के मुताबिक़ उनके पास दर्शन, राजनीति या इतिहास से संबंधित पुस्तकें न होकर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग की कई पुस्तकें हुआ करती थीं। हालांकि संगीत में उनकी बहुत दिलचस्पी थी। उन्हें पश्चिमी और हिन्दुस्तानी शास्त्रीय और आधुनिक संगीत पसंद था। उन्हें फ़ोटोग्राफ़ी और रेडियो सुनने का भी ख़ासा शौक़ था। हवाई उड़ान उनका सबसे बड़ा जुनून था। इंग्लैंड से घर लौटने के बाद उन्होंने दिल्ली फ़्लाइंग क्लब की प्रवेश परीक्षा पास की और व्यावसायिक पायलट का लाइसेंस हासिल किया। इसके बाद वे 1968 में घरेलू राष्ट्रीय जहाज़ कंपनी इंडियन एयरलाइंस के पायलट बन गए।

                कैम्ब्रिज में उनकी मुलाक़ात इतालवी सोनिया मैनो से हुई थी, जो उस वक़्त वहां अंग्रेज़ी की पढ़ाई कर रही थीं। उन्होंने 1968 में नई दिल्ली में शादी कर ली। वे अपने दोनों बच्चों राहुल और प्रियंका के साथ नई दिल्ली में इंदिरा गांधी के निवास पर रहे। वे ख़ुशी-ख़ुशी अपनी ज़िन्दगी गुज़ार रहे थे, लेकिन 23 जून 1980 को एक जहाज़ हादसे में उनके भाई संजय गांधी की मौत ने सारे हालात बदलकर रख दिए। उन पर सियासत में आकर अपनी मां की मदद करने का दबाव बन गया। फिर कई अंदरुनी और बाहरी चुनौतियां भी सामने आईं। पहले उन्होंने इन सबका काफ़ी विरोध किया, लेकिन बाद में उन्हें अपनी मां की बात माननी पड़ी और इस तरह वे न चाहते हुए भी सियासत में आ गए।

                उन्होंने जून 1981 में अपने भाई की मौत की वजह से ख़ाली हुए उत्तरप्रदेश के अमेठी लोकसभा क्षेत्र का उपचुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई। इसी महीने वे युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बन गए। उन्हें नवंबर 1982 में भारत में हुए एशियाई खेलों से संबंधित महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी दी गई, जिसे उन्होंने बख़ूबी अंजाम दिया। साथ ही कांग्रेस के महासचिव के तौर पर उन्होंने उसी लगन से काम करते हुए पार्टी संगठन को व्यवस्थित और सक्रिय किया।


            अपने प्रधानमंत्री काल में राजीव गांधी ने नौकरशाही में सुधार लाने और देश की अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के लिए कारगर क़दम उठाए, लेक।
            
            पंजाब और कश्मीर में अलगाववादी आंदोलन को नाकाम करने की उनकी कोशिश का बुरा असर हुआ। वे सियासत को भ्रष्टाचार से मुक्त करना चाहते थे, लेकिन यह विडंबना है कि उन्हें भ्रष्टाचार की वजह से ही सबसे ज़्यादा आलोचना का सामना करना पड़ा।


            उन्होंने कई साहसिक क़दम उठाए, जिनमें श्रीलंका में शांति सेना का भेजा जाना, असम समझौता, पंजाब समझौता, मिज़ोरम समझौता आदि शामिल हैं। इसकी वजह से चरमपंथी उनके दुश्मन बन गए। नतीजतन, श्रीलंका में सलामी गारद के निरीक्षण के वक़्त उन पर हमला किया गया, लेकिन वे बाल-बाल बच गए।


            साल 1989 में उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया, लेकिन वे कांग्रेस के नेता पद पर बने रहे। वे आगामी आम चुनाव के प्रचार के लिए 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेराम्बदूर गए, जहां एक आत्मघाती हमले में उनकी मौत हो गई। देश में शोक की लहर दौड़ पड़ी। राजीव गांधी की देशसेवा को राष्ट्र ने उनके दुनिया से विदा होने के बाद स्वीकार करते हुए उन्हें भारतरत्न से सम्मानित किया जिसे श्रीमती सोनिया गांधी ने 6 जुलाई 1991 को अपने पति की ओर से ग्रहण किया।


            राजीव गांधी अपने विरोधियों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहते थे। साल 1991 में जब राजीव गांधी की हत्या कर दी गई, तो एक पत्रकार ने भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी से संपर्क किया। उन्होंने पत्रकार को अपने घर बुलाया और कहा कि अगर वे विपक्ष के नेता के नाते उनसे राजीव गांधी के ख़िलाफ़ कुछ सुनना चाहते हैं, तो वे एक भी शब्द राजीव गांधी के ख़िलाफ़ नहीं कहेंगे, क्योंकि राजीव गांधी की मदद की वजह से ही वे ज़िन्दा हैं।


              उन्होंने भावुक होकर कहा कि जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे, तो उन्हें पता नहीं कैसे पता चल गया कि मेरी किडनी में समस्या है और इलाज के लिए मुझे विदेश जाना है। उन्होंने मुझे अपने दफ़्तर में बुलाया और कहा कि वे उन्हें आपको संयुक्त राष्ट्र में न्यूयॉर्क जाने वाले भारत के प्रतिनिधिमंडल में शामिल कर रहे हैं और उम्मीद है कि इस मौक़े का फ़ायदा उठाकर आप अपना इलाज करा लेंगे। मैं न्यूयॉर्क गया और आज इसी वजह से मैं जीवित हूं। फिर वाजपेयी बहुत भाव-विह्वल होकर बोले कि मैं विपक्ष का नेता हूं, तो लोग उम्मीद करते हैं कि में विरोध में ही कुछ बोलूंगा लेकिन ऐसा मैं नहीं कर सकता। मैं राजीव गांधी के बारे में वही कह सकता हूं, जो उन्होंने मेरे लिए किया। ग़ौरतलब है कि राजीव गांधी ने अटल बिहारी वाजपेयी को इलाज के लिए कई बार विदेश भेजा था।


            राजीव गांधी की निर्मम हत्या के वक़्त सारा देश शोक में डूब गया था। राजीव गांधी की मौत से अटल बिहारी वाजपेयी को बहुत दुख हुआ था। उन्होंने स्व. राजीव गांधी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा था, 'मृत्यु शरीर का धर्म है। जन्म के साथ मरण जुड़ा हुआ है। लेकिन जब मृत्यु सहज नहीं होती, स्वाभाविक नहीं होती, प्राकृतिक नहीं होती, 'जीर्णानि वस्त्रादि यथा विहाय'- गीता की इस कोटि में नहीं आती, जब मृत्यु बिना बादलों से बिजली की तरह गिरती है, भरी जवानी में किसी जीवन-पुष्प को चिता की राख में बदल देती है, जब मृत्यु एक साजिश का नतीजा होती है, एक षड्यंत्र का परिणाम होती है तो समझ में नहीं आता कि मनुष्य किस तरह से धैर्य धारण करे, परिवार वाले किस तरह से उस वज्रपात को सहें।'


            राजीव गांधी की जघन्य हत्या हमारे राष्ट्रीय मर्म पर एक आघात है, भारतीय लोकतंत्र पर एक कलंक है। एक बार फिर हमारी महान सभ्यता और प्राचीन संस्कृति विश्व में उपहास का विषय बन गई है। शायद दुनिया में और कोई ऐसा देश नहीं होगा, जो अहिंसा की इतनी बातें करता हो। लेकिन शायद कोई और देश दुनिया में नहीं होगा, जहां राजनेताओं की इस तरह से हिंसा में मृत्यु होती हो। यह हिंसा और हत्याओं का सिलसिला बंद होना चाहिए।


            आज़ाद भारत स्व. राजीव के महत्वपूर्ण योगदान के लिए हमेशा उनका ऋणी रहेगा। स्व. राजीव गांधी की जयंती 'सद्भावना दिवस' और 'अक्षय ऊर्जा दिवस' के तौर पर मनाई जाती है, जबकि पुण्यतिथि 21 मई को 'बलिदान दिवस' के रूप में मनाई जाती है।
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Monday, May 17, 2021

कल से खुलेंगे जिले के सभी चॉइस सेंटर। टीकारण के लिए CGTEEKA पोर्टल में पंजीयन में करेंगे सहयोग।

भाटापारा-17 मई:-छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 18 से 44 आयु के नागरिको के लिए COVID19 टीकाकरण पंजीयन कराने हेतु CG TEEKA पोर्टल प्रारंभ किया है , किन्तु जनसामान्य को इस पोर्टल में होने वाली किसी भी तरह की असुविधा से समाधान कराने हेतु प्रशासन द्वारा CG TEEKA पोर्टल में निःशुल्क पंजीयन कार्य हेतु चॉइस केंद्र संचालको की सहायता लेने हेतु जिला बलोदाबज़ार-भाटापारा के समस्त चॉइस केंद्र (CSC Center) को खोलने की अनुमति प्रदान की गई है !

चॉइस सेंटर संचालक कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आवश्यक सुरक्षा व सावधानी के साथ दिनांक 18/05/2021 से चॉइस केंद्र खोल सकेंगे !



CSC सेंटरों में दी जाने वाली अन्य सेवाओं बीमा, बिजली का बिल भुगतान, पैसे निकालने का प्रबंध और टेलीमेडिसिन के माध्यम से लोगों को चिकित्सा परामर्श, पासपोर्ट अप्लाई, पैन कार्ड अप्लाई, आयुष्मान कार्ड आदि सुविधाएँके लिए अभी किसी भी तरह की दिशा निर्देश जारी नहीं किया गया है !


छत्तीसगढ़ सरकार का सीजी टीका वेब पोर्टल यहां के लोगों की सामाजिक और भौगोलिक परिस्थिति को ध्यान में तैयार किया गया है, ताकि लोगों को टीकाकरण के लिए किसी भी तरह की परेशानी न हो। लेकिन कम पढ़े लिखे या स्मार्टफोन /कंप्यूटर की अनुपलब्धता के कारण लोगो को पंजीकरण में समस्या आने के कारण चॉइस के माध्यम से इस समस्या का समाधान हो जाएगा !

छत्तीसगढ़ सरकार की इस अभिनव पहल से लोगों को अब कोरोना का टीका लगवाने के लिए न तो लम्बी लाइनें लगानी पड़ेंगी न ही समय गवाना पड़ेगा। सीजी टीका वेब पोर्टल में पंजीयन के लिए लिंक http://cgteeka.cgstate.gov.in/user-registration पर जानकारी अपलोड करनी होगी। पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद संबंधित व्यक्ति को टीकाकरण के स्थान और समय की जानकारी एसएमएस के जरिए मिल जाएगी
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'ब्लैक फंगस' कोरोना काल मे एक नई आफत..किसे रखनी होगी सावधानियां?


कोरोना संक्रमण के बीच 'ब्लैक फंगस' नाम की बीमारी सामने आई है. यह बीमारी कोरोना पीड़ित उन मरीजों को हो रही है जिन्हें डायबिटीज है. यह बीमारी मस्तिष्क, फेफड़े और त्वचा को भी प्रभावित करती है.



कोरोना संकट से जूझ ही रहा है कि इस बीच म्यूकोरमायकोसिस संक्रमण यानि ब्लैक फंगस का एक और खतरा लोगों पर मंडराने लगा है. यह बीमारी उन कोरोना पीड़ित मरीजों में देखने को मिल रही है जो डायबिटीज से पीड़ित हैं. दुर्लभ किस्म की यह बीमारी आंखों में होने पर मरीज की रोशनी भी खत्म कर दे रही है. आईसीएमआर ने बताया है कि यह शरीर में बहुत तेजी से फैलता है. इस बीमारी से शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं. ऐसे में हम आपको आज बताएंगे इसके खतरे, लक्षण और बचाव के तरीके.



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Saturday, May 15, 2021

रासायनिक खाद विक्रय की नयी दरें निर्धारित I डीएपी इस वर्ष समिति में मिलेंगे १८०० रूपये बोरी I

छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानो को खाद विक्रय की दर जारी कर दिया गया है जिसके अनुसार पूर्व वर्ष की तुलना में DAP की खरीदी इस बार पिछले वर्ष की तुलना में किसानो को ज्यादा महंगी पड़ेगी .



इस आदेश के अनुसार -

  • नीम कोटेड यूरिया     -266.50 (प्रति 45 kg बोरी)
  • DAP                        -1800.00 (प्रति 50 kg बोरी)
  • NPK                        -1747.00 (प्रति 50 kg बोरी)
  • पोटाश                      -1000.00 (प्रति 50 kg बोरी)
  • सु.फॉस्फेट पावडर    -375.00 (प्रति 50 kg बोरी)
  • सु.फॉस्फेट दानेदार   -406.00 (प्रति 50 kg बोरी)
  • जिन्केट सु.फॉस्फेट पावडर    -391.00 (प्रति 50 kg बोरी)




कोरोना संक्रमण के दौर में रासायनिक खाद की कीमतें (DAP Price Hike) में 58 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। इससे धान, सब्जी और अन्य फसल लेने वाले किसानों की परेशानी बढ़ जाएगी। डी अमोनियम फॉस्फेट (DAP) के लिए किसानों को प्रति लगभग बोरा 700 रुपए अतिरिक्त देना होगा। ऐसे में किसानों की उत्पादन लागत बढ़ जाएगी और उनका लाभ कम हो जाएगा।

ज्ञात हो की अभी रबी सीजन 2020-21 में डीएपी किसानों को 1200 रुपए प्रति बोरी के दर पर उपलब्ध कराई गई थी। खरीफ सीजन 2021 में इसका बाजार मूल्य बढ़ाकर 1900 रुपए प्रति बोरी कर दिया गया है। जबकि बीते एक साल से कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के चलते आम लोगों के साथ-साथ किसान भी परेशान हैं। ऐसी स्थिति में डीएपी सहित अन्य रासायनिक उर्वरकों के दामों में वृद्धि के चलते किसानों पर दोहरी मार पड़ेगी और वह खरीफ सीजन के लिए खाद खरीदने में असहाय हो जाएंगे।




सोसाइटी में 1800 रुपए कीमत

बाजार में डीएपी की कीमत प्रति बोरा 1900 रुपए हैं। जबकि सरकारी सोसाइटियों में इसकी कीमत कम है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के प्रबंधन संचालक के मुताबिक किसानों को सोसाइटी से यह खाद 1800 रुपए में मिलेगी।

पहले रेट कम किया फिर बढ़ाया

किसान नेता डॉ. संकेत ठाकुर का कहना है कि केंद्रीय उर्वरक मंत्री (Union Minister of Fertilizers) ने डीएपी का कीमत कम करने की बात कहीं थी। इसके लिए 11 अप्रैल को एक आदेश भी जारी हुआ था। इसके बाद फिर 28 अप्रैल को बढ़ी कीमतों को लेकर आदेश जारी कर दिया गया। यह किसानों के साथ कुठराघात है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
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Friday, May 14, 2021

कोरोना वायरस क्या है? कुछ सामान्य जागरूकता सम्बंधित जानकारी !

Hilights
  • कोरोना वायरस क्या है?
  • आम लक्षण ?
  • एक बार आप कोरोना से उबर गए तो क्या आपको फिर से यह नहीं हो सकता?
  • कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है?
  • क्या कोरोना वायरस फ़्लू से ज्यादा संक्रमणकारी है?
  • मैं पांच महीने की गर्भवती महिला हूं. अगर मैं संक्रमित हो जाती हूं तो मेरे बच्चे पर इसका क्या असर होगा
  • आप कितने दिनों से बीमार हैं?
  • बच्चों के लिए क्या जोखिम है?

कोरोना वायरस क्या है?

कोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है जिसका पता दिसंबर 2019 में चीन में चला. इसका संक्षिप्त नाम कोविड-19 है

सैकड़ों तरह के कोरोना वायरस होते हैं. इनमें से ज्यादातर सुअरों, ऊंटों, चमगादड़ों और बिल्लियों समेत अन्य जानवरों में पाए जाते हैं. लेकिन कोविड-19 जैसे कम ही वायरस हैं जो मनुष्यों को प्रभावित करते हैं

कुछ कोरोना वायरस मामूली से हल्की बीमारियां पैदा करते हैं. इनमें सामान्य जुकाम शामिल है. कोविड-19 उन वायरसों में शामिल है जिनकी वजह से निमोनिया जैसी ज्यादा गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं.कोरोना वायरस बीमारी (कोविड-19) एक संक्रामक बीमारी है जो हाल ही में पता चले एक नए वायरस की वजह से होती है.

कोविड-19 की चपेट में आए ज़्यादातर लोगों को हल्के से लेकर मध्यम लक्षण अनुभव होंगे और वे बिना किसी खास इलाज के बीमारी से उबर जाते हैं.

ज्यादातर संक्रमित लोगों में बुखार, हाथों-पैरों में दर्द और कफ़ जैसे हल्के लक्षण दिखाई देते हैं. ये लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं.

लेकिन, कुछ उम्रदराज़ लोगों और पहले से ह्दय रोग, डायबिटीज़ या कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ रहे लोगों में इससे गंभीर रूप से बीमार होने का ख़तरा रहता है.इस जवाब को छुपाएं
कोविड-19 वायरस, अलग-अलग लोगों को अलग-अलग तरह से प्रभावित करता है. संक्रमित हुए ज़्यादातर लोगों को थोड़े से लेकर मध्यम लक्षण तक की बीमारी होती है और वे अस्पताल में भर्ती हुए बिना ठीक हो जाते हैं.

यह कैसी फैलती है


कोविड-19 बीमारी वाला वायरस उन बूंदों से फैलता है जो किसी संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छिंकने या सांस लेने से पैदा होती हैं. ये बूंदें बहुत भारी होती हैं, इसलिए ज़्यादा देर तक हवा में नहीं रह पाती हैं और तुरंत ही फ़र्श या सतह पर गिर जाती हैं.

अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति के बहुत नज़दीक हैं जो कोविड-19 से पीड़ित है, तो सांस लेने पर आप भी संक्रमित हो सकते हैं. अगर आप किसी संक्रमित सतह को छूते हैं और उसके बाद आंखें, नाक या मुंह छूते हैं, तो ऐसा करने पर आप भी संक्रमित हो सकते हैं.

आम लक्षण:

  • बुखार
  • सूखी खांसी
  • थकान

कम पाए जाने वाले लक्ष्ण:
  • खुजली और दर्द
  • गले में खराश
  • दस्त
  • आँख आना
  • सरदर्द
  • स्वाद और गंध न पता चलना
  • त्वचा पर चकत्ते आना या हाथ या पैर की उंगलियों का रंग बदल जाना

एक बार आप कोरोना से उबर गए तो क्या आपको फिर से यह नहीं हो सकता?


जब लोग एक संक्रमण से उबर जाते हैं तो उनके शरीर में इस बात की समझ पैदा हो जाती है कि अगर उन्हें यह दोबारा हुआ तो इससे कैसे लड़ाई लड़नी है.

यह इम्युनिटी हमेशा नहीं रहती है या पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती है. बाद में इसमें कमी आ सकती है.

ऐसा माना जा रहा है कि अगर आप एक बार कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं तो आपकी इम्युनिटी बढ़ जाएगी. हालांकि, यह नहीं पता कि यह इम्युनिटी कब तक चलेगी.

कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है?

वैज्ञानिकों का कहना है कि औसतन पांच दिनों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में इससे पहले भी लक्षण दिख सकते हैं.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि इसका इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन तक का हो सकता है. लेकिन कुछ शोधार्थियों का कहना है कि यह 24 दिन तक जा सकता है.

इनक्यूबेशन पीरियड को जानना और समझना बेहद जरूरी है. इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारगर तरीके लाने में मदद मिलती है.इस जवाब को छुपाएं

क्या कोरोना वायरस फ़्लू से ज्यादा संक्रमणकारी है?

दोनों वायरस बेहद संक्रामक हैं.

ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस से पीड़ित एक शख्स औसतन दो या तीन और लोगों को संक्रमित करता है. जबकि फ़्लू वाला व्यक्ति एक और शख्स को इससे संक्रमित करता है.

फ़्लू और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं.
बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोएं
जब तक आपके हाथ साफ न हों अपने चेहरे को छूने से बचें
खांसते और छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें और उसे तुरंत सीधे डस्टबिन में डाल दें.इस जवाब को छुपाएं

आप कितने दिनों से बीमार हैं?

हर पांच में से चार लोगों में कोविड-19 फ़्लू की तरह की एक मामूली बीमारी होती है.

इसके लक्षणों में बुख़ार और सूखी खांसी शामिल है. आप कुछ दिनों से बीमार होते हैं, लेकिन लक्षण दिखने के हफ्ते भर में आप ठीक हो सकते हैं.

अगर वायरस फ़ेफ़ड़ों में ठीक से बैठ गया तो यह सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया पैदा कर सकता है. हर सात में से एक शख्स को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.



मैं पांच महीने की गर्भवती महिला हूं. अगर मैं संक्रमित हो जाती हूं तो मेरे बच्चे पर इसका क्या असर होगा?

गर्भवती महिलाओं पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है.

यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है.

गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं.इस जवाब को छुपाएं

मैं अपने पांच महीने के बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हूं. अगर मैं कोरोना से संक्रमित हो जाती हूं तो मुझे क्या करना चाहिए?

अपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं.

अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है.

ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं.इस जवाब को छुपाएं

बच्चों के लिए क्या जोखिम है?


चीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं.

ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं.

हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए.
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