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Saturday, May 15, 2021

रासायनिक खाद विक्रय की नयी दरें निर्धारित I डीएपी इस वर्ष समिति में मिलेंगे १८०० रूपये बोरी I

छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानो को खाद विक्रय की दर जारी कर दिया गया है जिसके अनुसार पूर्व वर्ष की तुलना में DAP की खरीदी इस बार पिछले वर्ष की तुलना में किसानो को ज्यादा महंगी पड़ेगी .



इस आदेश के अनुसार -

  • नीम कोटेड यूरिया     -266.50 (प्रति 45 kg बोरी)
  • DAP                        -1800.00 (प्रति 50 kg बोरी)
  • NPK                        -1747.00 (प्रति 50 kg बोरी)
  • पोटाश                      -1000.00 (प्रति 50 kg बोरी)
  • सु.फॉस्फेट पावडर    -375.00 (प्रति 50 kg बोरी)
  • सु.फॉस्फेट दानेदार   -406.00 (प्रति 50 kg बोरी)
  • जिन्केट सु.फॉस्फेट पावडर    -391.00 (प्रति 50 kg बोरी)




कोरोना संक्रमण के दौर में रासायनिक खाद की कीमतें (DAP Price Hike) में 58 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। इससे धान, सब्जी और अन्य फसल लेने वाले किसानों की परेशानी बढ़ जाएगी। डी अमोनियम फॉस्फेट (DAP) के लिए किसानों को प्रति लगभग बोरा 700 रुपए अतिरिक्त देना होगा। ऐसे में किसानों की उत्पादन लागत बढ़ जाएगी और उनका लाभ कम हो जाएगा।

ज्ञात हो की अभी रबी सीजन 2020-21 में डीएपी किसानों को 1200 रुपए प्रति बोरी के दर पर उपलब्ध कराई गई थी। खरीफ सीजन 2021 में इसका बाजार मूल्य बढ़ाकर 1900 रुपए प्रति बोरी कर दिया गया है। जबकि बीते एक साल से कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के चलते आम लोगों के साथ-साथ किसान भी परेशान हैं। ऐसी स्थिति में डीएपी सहित अन्य रासायनिक उर्वरकों के दामों में वृद्धि के चलते किसानों पर दोहरी मार पड़ेगी और वह खरीफ सीजन के लिए खाद खरीदने में असहाय हो जाएंगे।




सोसाइटी में 1800 रुपए कीमत

बाजार में डीएपी की कीमत प्रति बोरा 1900 रुपए हैं। जबकि सरकारी सोसाइटियों में इसकी कीमत कम है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के प्रबंधन संचालक के मुताबिक किसानों को सोसाइटी से यह खाद 1800 रुपए में मिलेगी।

पहले रेट कम किया फिर बढ़ाया

किसान नेता डॉ. संकेत ठाकुर का कहना है कि केंद्रीय उर्वरक मंत्री (Union Minister of Fertilizers) ने डीएपी का कीमत कम करने की बात कहीं थी। इसके लिए 11 अप्रैल को एक आदेश भी जारी हुआ था। इसके बाद फिर 28 अप्रैल को बढ़ी कीमतों को लेकर आदेश जारी कर दिया गया। यह किसानों के साथ कुठराघात है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
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